पंचायती राजीनामा के बाद मधुबाला को दोबारा ससुराल भेज दिया गया। इसके बाद आरोपी मारपीट करने से बाज नहीं आया। वर्ष 2015 में गांव की अदालत में उन्होंने केस दायर कर दिया था। बाद में फिर से दोनों पक्षों का समझौता हो गया और मधुबाला ने केस वापस ले लिया। आरोपी गुरुग्राम में रहता था। उसने मुंडियां कलां इलाके में घर लिया और यहां रहने के लिए आ गया।
मधुबाला सात महीने की गर्भवती थी। मुंडियां कलां इलाके में आरोपी ओमप्रकाश के काफी रिश्तेदार रहते थे। उसका चचेरा भाई उसे मधु के साथ मारपीट करने के लिए उकसाता था। 26 दिसंबर की रात ओम प्रकाश ने मधुबाला की हत्या कर दी और ससुराल वालों को फोन कर बताया कि उसकी मौत हो गई है। वह लुधियाना आ जाएं।
परिजनों के आने के बाद आरोपी ने उन्हें झांसे में ले लिया कि उसकी स्वाभाविक मौत हुई है। उस समय तो पुलिस ने कार्रवाई 174 की कर दी। परिजनों की ओर से अब बयान देने के बाद आरोपी पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया। जांच अधिकारी एएसआई सुखदेव राज ने बताया कि जब पुलिस को शव निर्वस्त्र हालत में मिला था शरीर पर चोट के तो निशान जरूर थे, जिस दिन मधुबाला की मौत हुई, उस दिन उसके साथ मारपीट हुई या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।