राकेश खेतीबाड़ी का काम करता था मगर वह खेती छोड़कर नशे में धुत रहता था। वह नशे की गिरफ्त में इस कदर आ चुका था कि अपने माता-पिता के साथ गाली-गलौच और मारपीट करता था। बताया जा रहा है कि राकेश के पिता सतबीर ने कई बार उसे नशे की लत छुड़वाने के लिए खेतीबाड़ी के कार्य में लगाया था।
इसके लिए सतबीर ने कई लाख रुपये लगाकर उसे कृषि करने के लिए सामान भी दिलाया लेकिन राकेश ने कृषि का सामान नशे के चक्कर में बेच दिया। उसके बावजूद भी पिता ने बेटे को सही रास्ते पर लाने के लिए फिर से जमीन को समतल करने की मशीन कल्टीवेटर खरीद कर दी, ताकि वह इस मशीन से काम करके रुपये कमा सके। राकेश अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और नशे की राह से हटने का नाम नहीं ले रहा था।
नशे में मां को घर से निकाला, पिता से की गाली-गलौज
रात में राकेश नशे में धुत होकर जब घर पहुंच तो उसने अपनी मां को घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद वह पिता से गाली-गलौज करते हुए मार-पिटाई शुरू कर दी। बात मरने-मारने तक पहुंच गई। इस पर सतबीर ने खूंटा उठाकर सतबीर के सिर में दे मारा। इससे वह सुन्न होकर जमीन पर गिर पड़ा। जिसे बाद में पीजीआई रोहतक ले गए, जहां पर उसकी मौत हो गई।