डीएसपी ने जांच के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। जिस पर अब सिविल लाइन थाने में दो चिकित्सकों और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
डेढ़ साल पहले मांगे थे 25 हजार
राज सिंह के बेटे ने बताया कि वह अपने पिता को डेढ़ साल पहले सामान्य अस्पताल में लेकर आया था। तब उसके पिता का 23 प्रतिशत दिव्यांग का प्रमाणपत्र बनाया था। उस समय 60 प्रतिशत का प्रमाणपत्र बनाने के नाम पर 25 हजार रुपये मांगे थे।
तब उन्होंने पैसे नहीं दिए थे। अब फिर राजकुमार से मिले तो उसने 40 हजार रुपये की मांग कर डाली। उसके पिता पैर से दिव्यांग होने के साथ ही उनके हाथ की दो अंगुलियां कटी हुई हैं, जिस पर 40 हजार रुपये मांगने के दौरान उन्होंने जेब में मोबाइल रखकर वीडियो बना लिया थी।
मामले में आरोपी डॉ. नितिन शर्मा पहले ही कैंसर पीड़ित की मौत के बाद पोस्टमार्टम कर हादसा दिखाने के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। कैंसर पीड़ितों के पोस्टमार्टम करने के मामले में तीन चिकित्सकों पर आरोप लगा था।
1 जुलाई को की थी शिकायत
राज सिंह ने दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर रिश्वत मांगने की शिकायत 1 जुलाई को दी थी। उसके बाद फिर से सितंबर में शिकायत दी गई, जिस पर अब पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
जांच के बाद किया मामला दर्ज
दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर चतुर्थ श्रेणी कर्मी द्वारा दो चिकित्सकों के नाम पर रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। अधिकारियों के पास आई शिकायत की जांच के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया है। जल्द मामले की जांच कर पटाक्षेप किया जाएगा। -सुखबीर सिंह, थाना प्रभारी सिविल लाइन सोनीपत।