खेमचंद पराशर ने खुद को थाना प्रभारी बताते हुए यह कहकर उनकी गाड़ी की तलाशी लेनी शुरू कर दी कि उनकी गाड़ी में संदेहजनक सामान है। पीड़ित ने बताया कि इसी दौरान उनके पीछे एक आल्टो कार आ गई, जिसमें से हवलदार अवतार सिंह और अनूप ग्रोवर उतरकर उनके पास आए और उनको धमकाने लगे। पीड़ित ने बताया कि पुलिस उन्हें थाना मौड़ ले गई जहां चार घंटे के करीब बैठाकर रखा।
उनका सामान एक प्रेस, एक खिलौना गाड़ी और एक इलेक्ट्रिकल एलीवेटर, जिस में दो किलो सोना छिपा कर रखा हुआ था, को हवलदार अवतार सिंह और अनूप ग्रोवर ने अपनी आल्टो कार में रख लिया। इसके बाद थाना मौड़ से उन्हें धमका कर भगा दिया गया। अगले दिन उसने एसएसपी बठिंडा के पास शिकायत दी।
एसएसपी नानक सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने पर जांच की गई तो पाया गया कि थाना मौड़ के प्रभारी सब इंस्पेक्टर खेमचंद पराशर ने अपने गनमैन हवलदार अवतार सिंह और प्राइवेट व्यक्ति अनूप के साथ मिलकर थाना सदर एरिया में उक्त शिकायतकर्ता से दो किलो सोना बरामद किया लेकिन उस पर कोई कार्रवाई न कर सोने को अपने साथियों के साथ मिलकर हड़पने का प्रयास किया।
तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना सदर में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर उनसे दो किलो सोना एवं इनोवा गाड़ी को बरामद कर लिया है। सीआईए स्टाफ 2 प्रभारी तरजिंदर सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ कर आल्टो कार को भी जल्द बरामद कर लिया जाएगा।