कार की मीटर रीडिंग पीछे करके कार बेचने वालों को महंगा पड़ गया। उपभोक्ता फोरम ने चंडीगढ़ निवासी करण प्रभाकर और अश्वनी कुमार को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया है। दोनों को निर्देश दिया गया है कि वे शिकायतकर्ता को संयुक्त रूप से एक लाख रुपये मुआवजा और पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करें।
यह निर्देश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-1 चंडीगढ़ ने सुनवाई के बाद दिया है। गीता चोपड़ा निवासी सेक्टर-11 पंचकूला ने सेक्टर-21 चंडीगढ़ निवासी करण प्रभाकर, सेक्टर-8 सी चंडीगढ़ निवासी अश्वनी कुमार और जैतपुर जीटी रोड पानीपत निवासी कृष्ण कुमार के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी। गीता ने बताया कि उसने ओल्ड कार डीलर करण प्रभाकर और अश्वनी कुमार से सेकेंड हैंड कार वॉक्सवैगन साढ़े पांच लाख रुपये में खरीदी। खरीदते समय कार की मीटर रीडिंग 76 हजार 582 किलोमीटर शो कर रही थी। कार खरीदते समय दोनों ने शिकायतकर्ता को आश्वस्त किया था कि यह कार नॉन एक्सीडेंटल और नॉट रिपेंटेड है।
शिकायतकार्ता ने बताया कि उन्होंने जब कार के ओरिजिनल ऑनर से संपर्क किया तो पता चला कि कार ढाई लाख में बेची गई और कार डेढ़ लाख किलोमीटर से भी अधिक चल चुकी है। यह जानकर वह आश्चर्यचकित रह गईं। दोनों ने चालाकी से मीटर को एक लाख किलोमीटर पीछे कर दिया। शिकायतकर्ता ने वाक्सवैगन की सर्विस सेंटर से उक्त कार की सर्विस रिकार्ड का पता किया तो पता चला कि ओरिजिनल ऑनर ने वॉक्सवैगन सर्विस स्टेशन पर 31 जुलाई 2013 को एक लाख 58 हजार 746 किलोमीटर पर कार की सर्विस कराई थी।
करण प्रभाकर और अश्वनी कुमार ने उपभोक्ता फोरम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वे कार डीलर नहीं हैं। उन्होंने कभी भी ओल्ड कार खरीद बिक्री का बिजनेस नहीं किया है और न ही वे सर्विस प्रोवाइडर हैं। उन्होंने पानीपत से अपनी जीविका के लिए पांच लाख 11 हजार में कार खरीदी। उसकी मेनटेनेंस के लिए 50 हजार रुपये खर्च किए। इसे शिकायतकर्ता को कार की मार्केट वैल्यू पर साढ़े पांच लाख में बेचा। उस समय कार की मीटर रीडिंग 76 हजार पांच सौ किलोमीटर थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है।