मारपीट के दौरान बदमाशों ने साहिब से मोबाइल व 10700 रुपये भी छीन लिए और रोहतक की तरफ भाग गए। किसी तरह हाथ-पांव खोलकर वह नजदीक स्थित एक होटल पर पहुंचा और वहां से पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी। सूचना मिलते ही सदर थाने से पुलिस मौके पर पहुंची और तफ्तीश शुरू की। दिल्ली के बाबा हरिदास नगर थाने से भी पुलिस मौके पर पहुंची।
दो राज्यों के थानों में उलझ गई वारदात
मौके पर दोनों राज्यों के थानों की पुलिस तो मौजूद थी, लेकिन सवाल ये गहरा गया कि एफआईआर दर्ज कहां हो। दरअसल, बहादुरगढ़ पुलिस का तर्क था कि यहां केवल चालक मिला है, वारदात तो दिल्ली क्षेत्र में हुई है। वहीं बाबा हरिदास नगर थाना दिल्ली से आए एक एएसआई ने कहा कि जहां से गाड़ी बुक होकर चली वहीं पर मामले को सौंपा जाए। आखिरकार चालक की शिकायत पर बहादुरगढ़ सदर थाने में ही छीना झपटी की धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ।
नंबर और जीपीएस के आधार पर पकड़ेगी पुलिस
जिस नंबर से गाड़ी बुक की गई, उस आधार पर पुलिस अब बदमाशों तक पहुंचने का प्रयास करेगी। गाड़ी में जीपीएस भी लगा हुआ है। हालांकि गुरुवार की सायं तक बदमाश दोनों राज्यों की पुलिस की पकड़ से बाहर थे।
बहादुरगढ़ से सटा है झाड़ोदा
दिल्ली का झाड़ोदा गांव बहादुरगढ़ से सटा हुआ है। यह गांव बाबा हरिदास नगर थाने के अधीन आता है। बहादुरगढ़ और झाड़ोदा के बीच अक्सर वारदातें होती रही हैं। गत सितंबर माह में नयागांव बाईपास पर ट्रांसपोर्ट से जो गाड़ी छीनी गई थी बदमाश उसे झाड़ोदा में छोड़ गए थे।
हमारे इलाके में चालक मिला है लेकिन वारदात दिल्ली में हुई है। कायदे से बाबा हरिदास नगर थाने में केस दर्ज होना चाहिए, लेकिन वहां की पुलिस ने इंकार कर दिया था। फिर आलाधिकारियों के संज्ञान में लाने के बाद संबंधित धाराओं के तहत जीरो एफआईआर दर्ज कर बाबा हरिदास नगर थाने भेज दी गई है। आगे की कार्रवाई दिल्ली पुलिस करेगी। बहादुरगढ़ पुलिस भी बदमाशों को तलाश रही है। -श्रीभगवान, कार्यवाहक एसएचओ सदर थाना, बहादुरगढ़।