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कैप्टन अभिमन्यु के घर आगजनी मामले में कांग्रेस नेताओं की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

Thu, 05 Jul 2018 09:30 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
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हरियाणा के वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु
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हरियाणा सरकार में वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी पर पिछले वर्ष जाट आंदोलन के दौरान वर्ष 2016 में हुई आगजनी व तोड़फोड़ के मामले में कांग्रेस नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सीबीआई द्वारा जो आरोपी बनाए गए हैं, उनमें कई का सीधा संबंध कांग्रेस के दिग्गज नेताओं से है। इन सभी को अब कोर्ट की ओर से समन देकर बुलाया जाएगा और उसके बाद सीबीआई द्वारा इन्हें गिरफ्तार करके पूछताछ भी की जा सकती है।  
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सोमवार को सीबीआई ने हरियाणा के वित्तमंत्री अभिमन्यु के घर पर फरवरी 2016 में आगजनी, दंगे और डकैती के 51 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। सभी आरोपियों पर देशद्रोह की धारा 124ए लगाई गई है। साथ ही इन सभी पर अंडर सेक्शन 120-बी, 124-ए, 148, 149, 186, 188, 307, 353, 395, 427, 436, 450 और शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत आरोप पत्र दायर किया गया है। आरोप पत्र में जो नाम शामिल किए गए हैं, उनमें यशपाल मलिक के नजदीकी अशोक बल्हारा का नाम भी शामिल है। पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता कृष्णमूर्ति के बेटे गौरव हुड्डा और कांग्रेस के पूर्व विधायक बीबी बत्तरा के पूर्व पीए रहे सचिन दहिया का भी नाम शामिल है।

आरोपितों में सबसे प्रमुख नाम अशोक बल्हारा का है, जो अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महासचिव हैं और हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन का नेतृत्व यही करते हैं। इसके अलावा विजय दीप पंघाल, सुमित मलिक, राहुल हुड्डा, विजेंद्र, अरविंद गिल, भुवन सिंह, रक्षित, धीरज के नाम शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर कांग्रेस पार्टी से ताल्लुक रखते हैं, इसलिए इसे राजनीतिक तौर पर भी जोड़कर देखा जा रहा है।  
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चार्जशीट में इन पर आरोप भी  
चार्जशीट में एडवोकेट संदीप कलकल, जाट नेता मनोज दुहन, मास्टर मोहिंद्र सिंह हुड्डा, धर्मेंद्र, राजेश कुमार, जोगिंद्र, गौरव, सुमित खरावड़, सोमबीर, योगेश राठी, जितेंद्र राठी, जगपाल, पवन, योगानन्द, बलजीत, सुरेंद्र, उमेद, आजाद, आशीष, राहुल हुड्डा, सत्यवान कादियान, मोनू खेड़ी साध, दादु डीघल, दीपक दलाल, विकास राठी, सैंडी देशवाल, बीजा, अमरेंद्र सिंधु, नरेंद्र बल्हारा, देवा, रविकांत, अभिषेक हुड्डा, धर्मेन्द्र, मोनू कुण्डू, संदीप राठी, अरविंद गिल, अनूप, प्रिंस कादियान, रविंद्र, आकाश भरत कालोनी, प्रवीन हुड्डा के नाम शामिल किए गए थे।

पहले देश द्रोह की धारा जोड़ी, कोर्ट में चालान पेश किया तो धारा हटा ली  
बता दें कि हरियाणा पुलिस द्वारा रोहतक में जब केस दर्ज किया गया था, तो उसमें धारा 124ए देशद्रोह जोड़ी गई थी, लेकिन पुलिस ने जब रोहतक कोर्ट में चालान पेश किया, तो देशद्रोह की धारा हटा दी गई थी, मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। इसके बाद इस मामले में सीबीआई द्वारा करीब दो साल तक सप्लीमेंटरी चार्जशीट पेश करने की बात कहकर मामले को लटकाती रही। इस मामले में अधिकतर आरोपितों को जमानत मिल चुकी है, जबकि 6 आरोपित अभी भी रोहतक जेल में बंद हैं। 

चालान में क्या है ?
सीबीआई द्वारा पेश किए गए चालान में कहा गया है कि 19 और 20 फरवरी 2016 को जाट आंदोलन के दौरान कुछ लोगों ने कैप्टन अभिमन्यु के घर पर हमला कर दिया। इसके बाद घर में जमकर तोड़फोड़ की गई। आपराधिक षड्यंत्र, दंगों, सार्वजनिक कार्य के निर्वहन में सरकारी कार्यों में बाधा डालने, आदेश का अपमान, राजद्रोह, हत्या का प्रयास, डकैती, हमला आदि से संबंधित मामला आरोपितों के विरुद्ध था। मंत्री के परिजनों पर जानलेवा हमला हुआ था। आगजनी व आपराधिक षड्यंत्र के कारण परिवार को जान बचाकर वहां से भगाना पड़ा था। इस दौरान हत्या करने के प्रयास भी किए गए थे। 
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