फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैग रिपोर्ट में खुलासा, खजाने को करोड़ों की चपत

Fri, 03 Apr 2015 06:28 PM IST
अनिल भारद्वाज/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
कैग ने पंजाब के परिवहन विभाग में व्यापक आर्थिक गड़बड़ियों का खुलासा किया है। कैग की वर्ष 2014 की रिपोर्ट के मुताबिक लुधियाना, पटियाला और रोपड़ जिलों में 2008 से 2013 की अवधि में बिके वाहनों की सही ट्रेड फीस जमा नहीं कराए जाने से सरकारी खजाने को 6 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। इसके अलावा नौ जिलों में कम मोटर व्हीकल टैक्स देने की वजह से 64.36 करोड़ की चपत लगी है। ये आंकड़े तो महज कुछ ही जिलों के हैं। पूरे प्रदेश में तो यह आंकड़ों कई अरब रुपये हो रहा है। कैग ने दस्तावेजों के वैरिफिकेशन संबंधी कई अन्य खामियों को भी उजागर किया है।
विज्ञापन


अफसरों ने सही फीस लेने की कोशिश तक नहीं की
रिपोर्ट में कहा गया है कि लुधियाना, पटियाला तथा रोपड़ जिलों में 2008 से 2013 के दौरान सात लाख 16 हजार 410 वाहन बिके, लेकिन डीलरों ने तय ट्रेड फीस से कम राशि परिवहन विभाग के पास जमा करवाई। वहीं, अधिकारियों ने न तो डीलरों से बिके हुए वाहनों की असल संख्या का पता लगाने और न ही उन्हें जारी किए गए ट्रेड सर्टिफिकेट के अनुसार फीस लेने कोशिश की। नतीजे में 6.05 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो गया।

पूरा एमवीटी ही नहीं ले पाया विभाग
मोटर व्हीकल टैक्स (एमवीटी) के मद में भी प्रदेश को 2008-09 से 2012-13 के बीच 40.63 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और ब्याज समेत यह राशि 64.36 करोड़ बन गई। जिला बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, जालंधर, लुधियाना, मानसा, मोगा, मुक्तसर और पटियाला से संबंधित परिवहन विभाग के रिकॉर्ड की चेकिंग में सामने आया कि पीआरटीसी, पंजाब रोडवेज और प्राइवेट ट्रांसपोर्ट कंपनियों ने एमवीटी की उक्त राशि कम जमा करवाई है। यह अंगुली उठने पर विभाग ने जवाब दिया कि इसमें से कुछ राशि रिकवर हो चुकी है और बाकी की रिकवरी का काम जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बकाया एमवीटी के आंकड़े एक नजर

ट्रांसपोर्टर...................अवधि...............शॉर्ट पेड एमवीटी........ब्याज........कुल कमी (पेनल्टी सहित)
पीआरटीसी..............2011-12 से 2012-13............28.75....................23.47.......52.23
पंजाब रोडवेज...........2008-09 से 2012-13..........10.90...................0................10.93
प्राइवेट ट्रांसपोर्टर........2008-09 से 2012-13..........00.99.................00.18.........01.19
कुल....................................................................40.63.................23.65...........64.36 (करोड़ों में)


रिकॉर्ड की प्रॉपर मैंटेनैंस में अनियमितता
चेकिंग के दौरान सामने आया कि एसटीसी कार्यालय में रसीद बुक्स के स्टॉक रजिस्टर, चालान बुक्स और डेली कैश रजिस्टर की प्रॉपर मैंटेनैंस नहीं हो रही थी। वहीं, पांच साल से इनकी फिजिकल वैरिफिकेशन भी नहीं हुई थी। इसके अलावा भी कैग ने परिवहन विभाग की बहुत सी अन्य बातों पर अंगुली उठाई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें