यूटी के चंडीगढ़ पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी (सीपीसीसी) से परेशान होकर शहर के एक उद्योगपति मुकेश बंसल वीरवार को सेक्टर-9 स्थित सीएचबी के चेयरमैन और सीपीसीसी के वाइस चेयरमैन सत्यगोपाल के कार्यालय के बाहर परिवार के साथ धरने पर बैठ गए। भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन से आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने धरना खत्म किया। अब सत्यगोपाल शुक्रवार दोपहर को बंसल से मिलेंगे।
बंसल का आरोप है कि दिसंबर, 2013 में सीपीसीसी ने इंडस्ट्रियल एरिया स्थित उनके उद्योग भारत इंडस्ट्रीज को सील कर दिया था। पिछले छह महीने से वे कई बार सत्यगोपाल से मिलने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन वे मिलते ही नहीं है। फैक्ट्री सील होने से उन्हें आर्थिक तौर पर काफी नुकसान हो रहा है और उनका पूरा परिवार तनाव में है। बंसल ने बताया कि उनकी फैक्ट्री में फ्लेक्सिबल कंटेनर और प्लास्टिक ग्रेन्यूल बनते हैं।
उन्होंने सीपीसीसी से मंजूरी लेने के लिए जब आवेदन किया तो उनकी फैक्ट्री का निरीक्षण कराया गया। लेकिन, निरीक्षण के बाद गलत रिपोर्ट दे दी गई कि उनके यहां प्लास्टिक कैरी बैग्स बनते हैं। इसका कोई सुबूत भी नहीं मिल सका। इसके बावजूद उनकी फैक्ट्री को सील कर दिया गया।
वे सीपीसीसी के कई अधिकारियों से मिल चुके हैं लेकिन कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। इसके बाद वे सीपीसीसी के वाइस चेयरमैन सत्यगोपाल से मिलने कई बार आ चुके हैं लेकिन वे मिलते नहीं हैं। इस पर उन्हें मजबूर होकर धरने पर बैठना पड़ा।