घरेलू कलह के कारण कारोबारी श्याम सुंदर गुप्ता (35) ने अपनी फैक्टरी में अपने दो बच्चों के साथ फंदा लगा लिया। हालांकि रस्सी टूटने से छह साल की बच्ची दीप्ति बच गई, जबकि कारोबारी और उसके बेटे केशव उर्फ कर्ण (3) की मौत हो गई।
सनसनीखेज वारदात पंजाब के लुधियाना शहर में बुधवार को घटी। हादसे में बची छह साल की मासूम दीप्ति ने बताया कि पापा ने झूला बताकर गले में फंदा डाल दिया था।
पिता और भाई को फंदे से लटकता देख वह घबरा गई और ऊपर दूसरी फैक्टरी में काम कर रहे एक वर्कर को बुलाया। जब वर्कर ने कारोबारी और उसके बेटे को देखा, तो शोर मचा दिया। जानकारी मिलते ही थाना डिवीजन नंबर 2 के एसएचओ सुरिंदर मोहन पुलिस पार्टी के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
पुलिस को वहां से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें गुप्ता ने अपनी पत्नी और सालों पर तंग करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मृतक के जीजा राजेश कुमार के बयान पर मृतक की पत्नी प्रियंका, सास रेणु गुप्ता, साली मनी गुप्ता, साला राहुल और एक अन्य मोंटू चौहान के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। श्याम सुंदर गुप्ता का मंगलवार को जन्मदिन था।
जानकारी के अनुसार, फील्ड गंज के कूचा नंबर 13 के रहने वाले श्याम सुंदर की सुफियां चौक के पास सूर्य इंटरनेशनल फैक्टरी थी। उसकी फैक्टरी में सीट कवर तैयार होते थे। श्याम सुंदर की पत्नी प्रियंका के साथ अक्सर अनबन रहती थी। दो दिन पहले भी उसकी पत्नी और उसकी बहन में बहस हुई थी।
इससे श्याम सुंदर काफी परेशान था। मंगलवार सुबह श्याम सुंदर अपने बच्चों को घर से ले गया, लेकिन वह उन्हें स्कूल के बजाय अपनी फैक्टरी में ले गया। उसका बेटा कर्ण प्लेवे में था और उसकी बेटी दीप्ति सेंट थामस स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ती थी। फैक्टरी आकर उसने छत पर लगे बीम से तीन रस्सियां बांध दी।
इसके बाद उसने पहले अपने बेटे और बेटी को फंदा लगाया और बाद में खुद भी फंदे से झूल गया। रस्सी टूटने से उसकी दीप्ति नीचे रखे टेबल पर गिर गई, लेकिन कर्ण की मौत हो गई।