उन्होंने बताया कि इस दौरान फतिहपुर चौकी के इंचार्ज सुच्चा सिंह और बीएसएफ के अफसर भी उनके साथ गये थे। बार्डर के इस क्षेत्र में केवल बीएसएफ ही जा सकती है। उन्होंने बताया कि यह हथियार भारत की सरहद पर लगाए गए गेटों से भी एक किलोमीटर आगे जीरो लाइन से बरामद हुए। गैंगस्टरों ने किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए यह हथियार पाकिस्तान से मंगवाये गए थे। पकड़े गए गैगस्टरों से पूछताछ जारी है।
ढाई फुट का गड्ढा खोदकर निकाले हथियार
पुलिस के अनुसार यह हथियार ढाई फुट गहरा गड्ढा खोद कर छिपाए गए थे। बीएसएफ की मदद से खुदाई कर हथियार निकाले गए है। पुलिस को शक है कि यह हथियार पाकिस्तान के तस्करों ने यहां दबाए थे। गैंगस्टरों से लोग किसान या उनके कर्मचारी बन कर यह हथियार वहां से लाते थे।
गौरतलब है कि सरहद के इस क्षेत्र में किसानों को ही कुछ घंटों तक खेती के लिए जाने की इजाजत है। यह क्षेत्र गांवों की हदबंदी का इलाका है। यह हथियार बार्डर पर लगी तार से भी पार पाकिस्तान की ओर वाले क्षेत्र पर सरहद की जीरो लाइन से मिले हैं।