पाकिस्तानी तस्करों ने सतलुज दरिया के रास्ते हेरोइन की खेप भेजने का सिलसिला जारी रखा हुआ है। 25 दिन में चौथी बार बीएसएफ ने दरिया के रास्ते पाक से भेजी गई हेरोइन की खेप पकड़ी है। बुधवार को बीएसएफ ने बीओपी साम्मेके के पास से पाक की तरफ से बहने वाला सतलुज दरिया जिस प्वाइंट से देश में प्रवेश करता है वहां से एक रबड़ ट्यूब में भरे हुए आठ पैकेट हेरोइन के पकड़े हैं।
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25 दिनों में बीओपी साम्मेके के पास से बीएसएफ 32 किलो 150 ग्राम हेरोइन पकड़ चुकी है। बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि बीएसएफ बटालियन-136 के जवान सतलुज दरिया में नाव के माध्यम से पेट्रोलिंग कर रहे थे। उन्होंने देखा कि पाक की तरफ से दो तस्करों ने रबड़ ट्यूब के ऊपर एक और रबड़ ट्यूब रखकर जलकुंभी से छिपाकर उसे भारत की तरफ ढकेल दिया।
जैसे ही बीएसएफ की बीओपी साम्मेके के पास से पाक की तरफ से भारत में प्रवेश हो रहे दरिया के जरिए रबड़ की ट्यूब भारतीय सीमा की तरफ पहुंची बीएसएफ जवानों ने उसे कब्जे में ले लिया। खोलकर देखा गया तो उसमें हेरोइन के आठ पैकेट और थोड़ी सी अफीम थी। बीएसएफ ने 25 दिनों में 32 किलो 150 ग्राम हेरोइन पकड़ी है।
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सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी तस्कर पहले भी इसी रास्ते से भारतीय तस्करों को हेरोइन की खेप पहुंचाते थे लेकिन कभी बीएसएफ की पकड़ में नहीं आए। इसी रास्ते से पाक की नाव कई बार भारतीय सीमा और हुसैनीवाला हेड से बरामद हुई है लेकिन उस पर कौन आया व कितनी हेरोइन आई इसके बारे में न तो बीएसएफ और न ही काउंटर इंटेलीजेंस सुराग लगा पाई।
अब जिस तरह बीओपी साम्मेके के पास से सतलुज दरिया के रास्ते पाक से हेरोइन की खेप आ रही है इससे साबित होता है पहले जितनी बार भारतीय इलाके में नाव पकड़ी गई है उसमें हेरोइन की बहुत बड़ी-बड़ी खेप आ चुकी हैं। बीएसएफ को तब पता चला था जब कुख्यात तस्कर हरजिंदर सिंह 16 अगस्त को पाक की तरफ से दरिया के रास्ते रबड़ ट्यूब में 16 किलो 150 ग्राम हेरोइन व गोला-बारूद लेकर भारत में प्रवेश कर रहा था। तभी से बीएसएफ ने इस प्वाइंट पर पैनी नजर रखी है।
प्रिंटिंग प्रेस की आड़ में नशा तस्करी करने वाला दबोचा
लुधियाना में प्रिंटिंग प्रेस की आड़ में नशा तस्करी का धंधा करने वाले एक आरोपी को एसटीएफ की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी राजधानी दिल्ली के तस्करों से सस्ते दाम में हेरोइन की खेप लाकर महानगर में सप्लाई करता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 450 ग्राम हेरोइन बरामद की है। इस मामले में मोहाली स्थित एसटीएफ थाने में जगीरपुर रोड स्थित मोहल्ला राज एनक्लेव निवासी सरवन शाह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को बुधवार को अदालत में पेश किया। वहां से उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस आरोपी से पूछताछ करने में जुटी है। एसटीएफ के लुधियाना इंचार्ज इंस्पेक्टर हरबंस सिंह ने बताया कि पुलिस पार्टी ने इलाके में नाकाबंदी कर रखी थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी नशा तस्करी का धंधा करता है। आरोपी कूड़े डंप की तरफ किसी को सप्लाई देने के लिए जा रहा था तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी दिल्ली के तस्करों से हेरोइन लाकर सप्लाई करता है। उसके खिलाफ पहले भी अलग-अलग थानों में नशा तस्करी के मामले दर्ज हैं। वह जमानत पर बाहर चल रहा है।
आरोपी ने घर पर ही छोटी सी प्रिंटिंग प्रेस लगा रखी है। उसी की आड़ में नशा तस्करी का धंधा करता है। पुलिस आरोपी से पूछताछ करने में जुटी है कि वह किस व्यक्ति से नशीला पदार्थ लाकर किन लोगों को सप्लाई करता था। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी के साथ इस धंधे में और कितने लोग शामिल हैं।
जालंधर पुलिस ने बॉर्डर से बरामद की हेरोइन और चाइनीज पिस्तौल
कमिश्नरेट पुलिस ने एक तस्कर को एक किलो हेरोइन व चाइनीज पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस को हेरोइन की बरामदगी के लिए फिरोजपुर के ममदोट सेक्टर में भारत-पाक सीमा पर लगाई गई कंटीली तार को पार करना पड़ा। बीएसएफ के जवान उनको कंटीली तार के दूसरी तरफ लेकर गए जहां खेतों में दबाकर रखी गई एक किलो हेरोइन बरामद की गई। तस्कर के पास से बरामद चाइनीज पिस्तौल पाकिस्तान से हेरोइन के साथ ही भेजा गया था।
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत भुल्लर ने खुलासा किया कि गिरफ्तारी और बरामदगी सीआईए स्टाफ वन और बस्ती बावा खेल पुलिस ने नौ सितंबर को पकड़े गए दो तस्करों सरपंच विक्रम उर्फ विक्की और करणवीर सिंह निवासी फिरोजपुर से पूछताछ के बाद की है। बुधवार को पत्रकार वार्ता में कमिश्नर गुरप्रीत भुल्लर, डीसीपी गुरमीत सिंह, एडीसीपी परमिंदर भंडाल ने बताया कि विक्रम सिंह ने खुलासा किया था कि वह हेरोइन फिरोजपुर के ही ममदोट बार्डर पर रहने वाले नशा तस्कर मक्खन सिंह और उसके बेटे चरणजीत सिंह चन्ना के पास से लाकर आगे बेचते थे।
पुलिस टीम ने मक्खन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। दोनों बाप-बेटे छह महीने से नशा तस्करी के धंधे में शामिल थे। पाकिस्तान से हेरोइन की खेप मंगवाने के बाद यह उसे आगे पंजाब में सप्लाई करते थे। भुल्लर ने बताया कि बेटा चरणजीत अभी फरार है। चरणजीत सिंह ही पाकिस्तानी तस्करों के संपर्क में रहता था। इसके लिए उसने पाकिस्तानी सिम कार्ड भी ले रखे थे। भुल्लर ने कहा कि मक्खन सिंह को जब भी पाक से हेरोइन की खेप आती वह सीमा पर कंटीली तार के उस पर ही दबा देता था क्योंकि वह खेती करने के लिए कंटीली तार के पार जाता था।
जब उसको कोई मौका मिलता तो वह दबी हुई हेरोइन निकालकर कंटीली तार के पार से फेंक देता था और शाम को खेती कर वापस आता तो उठा लेता था। मक्खन सिंह इसलिए कामयाब हो रहा था क्योंकि दोनों तरफ उसकी खेती थी। पंजाब पुलिस की टीम ने बीएसएफ के आला अधिकारियों को इस पूरी घटना से अवगत करवाया था। इसके बाद बीएसएफ की टीम के साथ पंजाब पुलिस के अधिकारियों को कंटीली तार के उस पार भेजकर हेरोइन की बरामदगी की गई।