गुरदासपुर में गुरुद्वारे के सेवादार की हत्या
- फोटो : amar ujala
पंजाब के गुरदासपुर में गुरुद्वारे के सेवादार और जालंधर के पिल्लौर में दरबार चला रहे बुर्जुग की हत्या से इलाके में दहशत। पहली घटना पंजाब के गुरदासपुर थाना कलानौर के अधीन पड़ते सीमावर्ती गांव बोहड़ वडाला स्थित गुरुद्वारा बाबा श्रीचंद में शनिवार की रात बुजुर्ग सेवादार का तेजधार हथियार से कत्ल कर दिया गया। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों को गुरुद्वारा बाबा श्री चंद तपोभूमि बोहड़ वडाला के मुख्य सेवादार बाबा मनी दास ने बताया कि मृतक ओंकार दास (65) निवासी ऊना हिमाचल गांव पंडोरी अठवाल थाना गढ़दीवाल गांव भंडियाल स्थित बाबा श्रीचंद के डेरे पर सेवा करता था। वह करीब 5 वर्ष के बाद शनिवार की शाम को गुरुद्वारा बाबा श्रीचंद बोहड़ वडाला पहुंचा। रात में ओंकार दास लंगर खाकर बरामदे में सोने के लिए चला गया। इसके साथ ही थोड़ी दूरी पर अन्य सेवादार सो रहे थे। रात में किसी ने ओंकार दास की तेजधार हथियार से हमलाकर हत्या कर दी।
रविवार की सुबह अन्य सेवादार दलबीर सिंह ने बाबा ओंकार दास का शव खून से लथपथ चारपाई पर पड़ा देखा। इससे वहां हड़कंप मच गया। हत्या की सूचना थाना कलानौर को दी गई। इसके बाद एसएसपी जगदीप सिंह हुंदल, एसपी (डी) प्रदीप कुमार और डीएसपी पीएस गिल और थाना कलानौर के एसएचओ अशोक कुमार मौके पर पहुंचे। डॉग स्क्वाएड और फिंगर प्रिंट की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं।
पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में फिंगर प्रिंट टीम ने साक्ष्य जुटाए। घटना की खबर मिलने पर डेरा बाबा नानक के विधायक सुखजिंदर सिंह रंधावा भी घटनास्थल पर पहुंचे। एसपी (डी) ने बताया कि पुलिस थाना कलानौर ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ कत्ल का मामला दर्ज किया गया है। शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। हत्यारों का सुराग लगाया जा रहा है।
जालंधर के गांव संघढेसियां में दरबार चला रहे साईं की हत्या
दरबार चला रहे बुर्जुग की हत्या
- फोटो : amar ujala
जालंधर के कस्बा फिल्लौर में पड़ते गांव संघ ढेसियां में दरबार चला रहे सुखदेव उर्फ साईं सुखेशाह की हत्या कर दी गई है। रविवार सुबह दरबार के बाहर उनका शव मिला। डीएसपी सरबजीत राय ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
डीएसपी ने बताया कि सुखदेव कुछ माह पहले से ही गांव संघढेसियां में साईं सुखेशाह के नाम से दरबार चला रहा था। वह दरबार में अकेला ही रहता था। उन्होंने कहा कि साईं के शव के गले पर निशान पड़े हुए थे। इससे लग रहा था कि हमलावरों ने पहले गला दबाया फिर तेज हथियार से वारकर हत्या कर दी। शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया गया है।
बताया जा रहा है कि दरबार ने कुछ समय में ही खासी प्रसिद्धी हासिल की थी और काफी संगत दरबार से जुड़ गई थी। भतीजे हरपाल के मुताबिक लोगों ने खून से लथपथ लाश देखी और उन्हें सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। हत्यारोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस छानबीन कर रही है।