नाबालिग के अपहरण और रेप में जीजा को 10 साल कैद
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नाबालिग के अपहरण और दुराचार के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषी जीजा को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही अमृतसर के पट्टी सुल्तान विंड गांव निवासी दोषी पर पांच लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने यह राशि बतौर मुआवजा पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। दोषी के खिलाफ सेक्टर-39 थाना पुलिस ने नाबालिग के अपहरण का केस दर्ज किया था। बाद में दुराचार की धारा भी जोड़ी गई थी।
बीते साल पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-56 निवासी पीड़िता के पिता ने कहा था कि नौ फरवरी को जब वह घर आए तो पता चला कि उनकी बेटी स्कूल से घर नहीं आई। वह शहर के एक सरकारी स्कूल में 11वीं की छात्रा थी। उन्होंने बेटी को तलाश करने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिली।
बाद में उन्हें पता चला कि उनका दामाद उनकी छोटी बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया है। इस पर उन्होंने पुलिस को उसके अपहरण की सूचना दी। पुलिस ने जांच के बाद एक जून 2015 को उसके जीजा को मोहाली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता भी उसके पास से मिल गई। इसके बाद पीड़िता के बयान के आधार पर उसके खिलाफ अपहरण और दुराचार का केस दर्ज किया गया था।
पीड़िता के बयान
rape with minor
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मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयान में पीड़िता ने कहा कि उसका जीजा स्कूल के गेट से ही उसे किडनैप कर कार में ले गया था। कार में उसने कुछ पीने को दिया। उसे पीते ही वह बेहोश हो गई। इसके बाद जब उसे होश आया तो वह अमृतसर के एक होटल में थी। वहां से उसका जीजा उसे जम्मू ले गया। वहां उसे एक होटल में ठहराया।
यहां उसने उसके साथ दुराचार किया। पीड़िता के अनुसार, इसके बाद जीजा वापस अमृतसर फिर दिल्ली और उसके बाद महाराष्ट्र ले गया। इस दौरान उसके जीजा ने उससे कई बार दुराचार किया। वह हर बार उसे इस बारे में किसी को कुछ भी बताने पर उसकी बहन, पिता और भाई को जान से मारने की धमकी देता था। इसलिए वह खामोश रही। वहीं उसने उसकी अश्लील वीडियो भी बना ली थी। इसे लेकर भी वह उसे धमकाता था।