70 लाख रुपये रिश्वत प्रकरण में फंसे डीएसपी (निलंबित) आरसी मीणा की नियमित जमानत याचिका सीबीआई की विशेष अदालत ने बुधवार को खारिज कर दी।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट इसी मामले में एक अन्य आरोपी संजय दहूजा को जमानत दे चुकी है। वहीं दो दिन पहले ही हाईकोर्ट से जमानत के आदेश मिलने पर मंगलवार को एक अन्य आरोपी एसआई (निलंबित) सुरेंद्र कुमार ने विशेष अदालत में बेल बॉन्ड भरकर जमानत ले ली। वहीं चौथे आरोपी अमन ग्रोवर की जमानत याचिका पर 19 फरवरी को हाईकोर्ट में सुनवाई है।
बता दें कि डीएसपी मीणा की ओर से दायर याचिका में उनके वकील ने संजय दहूजा को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत को आधार बनाया था। साथ ही उन्होंने याचिका के साथ सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी भी संलग्न की थी।
12 अक्तूबर को जांच एजेंसी ने डीएसपी मीणा समेत चारों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम समेत आपराधिक साजिश रचने की धाराओं के तहत चालान पेश किया था। आरोपियों में यूटी पुलिस के निलंबित डीएसपी रामचंद्र मीणा, संजय दहूजा, अमन ग्रोवर और सब इंस्पेक्टर (निलंबित) सुरेंद्र भारद्वाज शामिल हैं।
यह है मामला
सीबीआई ने ईओडब्ल्यू में तैनात रहे डीएसपी रामचंद्र मीणा, सब-इंस्पेक्टर सुरेंद्र समेत रिश्वत मामले में बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले बर्कले हुंडई के मालिक संजय दहूजा और सेक्टर-43 स्थित केएलजी होटल के संचालक अमन ग्रोवर को गिरफ्तार किया था।
आरोप के मुताबिक पुलिस सेक्टर-17 के चावला पेट्रोल पंप के संचालक और उसके परिजनों को गिरफ्तार न करने के एवज में यह रिश्वत ले रही थी। सीबीआई ने 7 दिन तक जांच करने और मोबाइल फोन सर्विलांस से सबूत जुटाते हुए यह ट्रैप लगाया था।
चावला पेट्रोल पंप के मालिक गुरकृपाल सिंह चावला, उनकी पत्नी जगजीत कौर और बेटे हरमीत के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने 24 दिसंबर 2014 को सेक्टर-9 की दीपा दुग्गल की शिकायत पर 6.25 करोड़ रुपये की ठगी का केस दर्ज किया था।