रोडवेज बस प्रकरण से चर्चित बहनों की 'बहादुरी' के 3 वीडियो सामने आ चुके हैं। अब बहनों ने खुद ही 23 मिनट 56 सेकेंड का नया वीडियो जारी किया है। यू ट्यूब पर डाली गई 23 मिनट 56 सेकेंड की वीडियो क्लिप में पूजा व आरती ने जांच टीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
आरोप है कि जांच टीम छेड़छाड़ मामले की जांच करने की बजाए यह पता लगाने में व्यस्त है कि उनके कितने ब्वॉयफ्रेंड हैं। दोनों के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही हैं। वीडियो क्लिप में दोनों बहनों के साथ उनके परिजनों व ग्रामीणों ने उन सवालों के जवाब दिए हैं, जो दोनों बहनों के ऊपर उठाए जा रहे हैं।
गौर हो कि मामला पिछले साल 28 नवंबर को चलती बस में सामने आया था। बहनें सोनीपत जिले के गांव थाना खुर्द की रहने वाली हैं।
15 किलोमीटर दूर क्यों हुई मारपीट
क्लिप के अंदर पूजा व आरती ने कहा है कि छेड़छाड़ के मामले को सीट का विवाद बताया जा रहा है। कुछ लोग उनके ही चरित्र पर सवाल उठा रहे हैं। अगर सीट का झगड़ा होता तो बस स्टैंड पर ही मामला निपट जाता। 15 किलोमीटर दूर यूं झगड़ा नहीं होता। इससे साफ है कि लड़के लगातार उन्हें परेशान कर रहे थे। मामला बढ़ने पर यह नौबत आई।
इसलिए बनाई वीडियो
पूजा का कहना है कि बस में एक महिला ने यह कहा था कि बाद में इस युवकों की पहचान करना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए आपकी सहायता के लिए वीडियो क्लिप बना लेती हूं। अगर पहले से उनकी वीडियो बनाने की मंशा होती तो क्या वे बस अड्डे पर हुई छेड़छाड़ या बस से नीचे उतरने के बाद मारपीट की वीडियो नहीं बनाती।
पूछा जा रहा आपसे पहले कितनी बार छेड़छाड़ हुई
आरती ने क्लिप के अंदर गंभीर सवाल उठाए हैं। उसका कहना है कि उनसे पूछा गया कि पहले कितनी बार छेड़छाड़ हुई है। सवाल किया है कि क्या किसी लड़की से कोई छेड़छाड़ करेगा तो वह विरोध करने की बजाय डायरी व पैन लेकर संख्या नोट करेगी। इतना ही नहीं, सीबीआई लैब में इतने व्यक्तिगत सवाल किए गए कि किसी भी लड़की का मानसिक संतुलन बिगड़ जाए।
वे छेड़छाड़ का विरोध कर रही हैं
आरती व पूजा का कहना है कि पहली वीडियो के बाद उन्हें हीरो बना दिया। सरकार ने भी सम्मानित करने की घोषणा कर दी। दूसरी वीडियो आई तो उन पर ही अंगुली उठानी शुरू कर दी गई। किसी ने यह नहीं देखा कि उस वीडियो में वे लड़के द्वारा की गई हरकत का विरोध कर रही हैं। क्या आवाज उठाना गलत है।
जातिगत कारणों से डाला जा रहा दबाव
वीडियो में पूजा व आरती के पिता राजेश का कहना है कि जातिगत कारणों के चलते उन पर समझौते के लिए दबाव डाला जा रहा है। पंचायतों का दौर चल रहा है। क्या कोई व्यक्ति पैसे के लिए अपनी बेटियों को बदनाम करेगा। वे अंदर तक टूट गए हैं। दबाव बनाने के लिए वीडियो जारी करके पैसे लेने का आरोप लगाया जा रहा है। अगर ऐसा है तो साबित करके दिखाएं। सब दबाव बनाने की प्रक्रिया का एक हिस्सा है।
खाप पंचायत तय करें कैसा समाज चाहिए
क्लिप में लड़कियों के वकील अतर सिंह पंवार ने खाप पंचायतों से पूछा है कि उन्हें कैसा समाज चाहिए। क्या उन्हें ऐसा समाज चाहिए, जिसमें बेटियां व महिलाएं सुरक्षित न हो। क्या अपराध करने वालों का बचाव करना चाहिए या सजा दिलवानी चाहिए।
यशपाल खटाना, डीएसपी एवं एसआईटी प्रभारी ने बताया कि जांच टीम ने लड़कियों के बारे में व्यक्तिगत जानकारी जुटाने का प्रयास नहीं किया। केस की जांच दायरे में रहकर की जा रही है। लड़कियों के मोबाइल की कॉल डिटेल नहीं निकाली है।
बहादुर बहनों की देखिए वीडियो, क्लिक करें-