बच्चों की इस बहादुरी पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने सम्मानित किया।
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आकाश, उम्र 10 साल। गुरजंट, उम्र 12 साल। बेशक उम्र कम हो लेकिन इन्होंने काम बड़ा किया है। गांव भिरड़ाना के इन बच्चों ने अपनी बहादुरी का परिचय देते हुए 5 लाख 14 हजार रुपये से भरा एटीएम लूटने से बचा लिया। यहां तक कि दोनों ने रात के समय बदमाशों का सामना भी किया।
बच्चों की इस बहादुरी पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ब्रांच मैनेजर सतीश चंद मीणा, कैश ऑफिसर अशोक बाघला, डिप्टी मैनेजर भगवान और हरभगवान ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
शनिवार रात बदमाशों ने स्टेट बैंक इंडिया भिरड़ाना में लगी एटीएम को उखाड़कर पैसे निकालने का प्रयास किया। रात दो बजे बारिश के मौसम में उन्होंने एटीएम पर धावा बोला। रॉड से शटर तोड़कर अंदर घुसे। जैसे ही एटीएम को छेड़ा तो सायरन बज गया। नजदीक में ही अपने घर में सो रहे 10 वर्षीय आकाश और 12 वर्षीय गुरंजट बाहर आए और उन्होंने बाहर व अंदर खड़े युवकों से पूछा क्या कर रहे हो। इस पर बदमाश युवकों ने भाग जाने की धमकी दी और एटीएम से छेड़छाड़ करने लगे। दोनों बच्चों ने गली में शोर मचा दिया और घर जाकर परिजनों को उठाया।
लोगों को आता देख बदमाश मौके से भाग निकले। बच्चों के परिजनों ने इसकी सूचना शाखा प्रबंधक को दी। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची। शाखा प्रबंधक सतीशचंद मीणा ने बताया कि अगर ये बच्चे रात के समय उठकर शोर नहीं मचाते तो शायद बदमाश अपनी योजना को अंजाम दे देते। इनकी बदौलत ही एटीएम में रखी राशि सुरक्षित रही गई। सतीश चंद्र मीणा ने बताया कि एटीएम को सुरक्षा की दृष्टि से और दुरुस्त किया जाएगा। इसके लिए बैंक में जल्द ही नाइट विजन कैमरे और गेट को और मजबूत किया जाएगा।
छतरी लेकर घुसे थे बदमाश
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, रात 1:23 बजे चार से पांच बदमाश छतरी लेकर एटीएम कक्ष के पास आए और रॉड से शटर उखाड़कर अंदर घुस गए। हालांकि, एटीएम से पैसा निकालने में कामयाब नहीं हो सके। इस संबंध में सदर पुलिस ने ब्रांच मैनेजर सतीश मीणा की शिकायत पर बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।