दीदी वे मेरे साथ रोज मारपीट करते थे, अब थक गया हूं... कहते हुए वीडियो बनाकर बहन को भेजा और फिर वह फंदे पर झूल गया। घटना पंजाब के जालंधर की है। अमेरिका भेजने का वादा करके करीब 15 लाख रुपये ठगी करने का मामला सामने आया है। ठगी के शिकार 29 साल के नवीन ने रविवार सुबह अपने घर में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
अपने सुसाइड नोट में नवीन ने क्राउन इमिग्रेशन प्राइवेट लि. के मालिक सतीश कुमार भार्गव, उनकी पत्नी और दोस्त धर्मजीत सैणी को मौत के लिए जिम्मेदार बताया है। सुसाइड नोट से पहले उसने 18 मिनट का वीडियो बनाकर छोटी बहन को भेजा। मामला गुरु नानकपुरा इलाके का है। मकान नंबर 609 में तड़के 4 बजे हड़कंप मच गया जब परिवार ने नवीन की लाश खिड़की के हुक से लटकती देखी।
सुसाइड नोट में नवीन ने लिखा है कि क्राउन इमिग्रेशन के मालिक सतीश भार्गव और उनकी पत्नी ने अमेरिका भेजने के नाम पर ठगी की है। जून 2016 में उसने तत्कालीन पुलिस कमिश्नर अर्पित शुक्ला को शिकायत दी थी मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण वह यह कदम उठा रहा है। नवीन के पिता तीर्थ राम निवासी पावरकॉम में जेई हैं।
वीडियो में बताया, कैसे की गई धोखाधड़ी
मोबाइल वीडियो, एमएमएस
- फोटो : फाइल फोटो
भाई की मौत से बेहाल हिना ने बताया कि रात 3.40 बजे उसने मैसेज देखा। सीधे पहली मंजिल पर स्थित भाई के कमरे में गई तो खिड़की के हुक पर भाई का शरीर लटका देख मम्मी-पापा को बताया। हिना का सबसे छोटा भाई कुनाल न्यूजीलैंड में पढ़ता है।
रात को भाई की उसके साथ वाट्सएप पर बात हो रही थी। इसके बाद करीब 12 बजे वह सो गई थी। रात 3.23 मिनट पर भाई ने वाट्सएप पर एक फोटो और वीडियो सेंड की। जब फोटो देखी तो वह सुसाइड नोट था। ट्रेवलएजेंटों के धोखे का शिकार हुए नवीन ने सुसाइड नोट में ट्रेवल एजेंट को दोषी बताया है।
आरोप है कि ट्रेवल एजेंट सतीश भार्गव के साथ अमेरिका भेजने का एग्रीमेंट हुआ था। तय हुआ था कि कंपनी रशिया, आर्मेनिया के बाद साउथ अमेरिका के देश उरुग्वे पहुंचाएंगी। वहां 3 महीने रहने के बाद अमेरिकी में एंट्री करवाई जाएगी।
पैसे नहीं देने पर मुझे रोज मारा करते थे
तनावग्रस्त लड़का
नवीन ने लिखा है कि आर्मेनिया पहुंचने पर उसके पापा को झूठ बोला गया कि उसे वाया यूरोप अमेरिका भेजना है, इसके लिए पूरा कैश दे दें। पिता ने एफडी तोड़कर कैश दे दिया। इसके बाद उसे मैनेजर गौरव शर्मा ने जॉर्जिया छोड़ आया। जॉर्जिया में एजेंट सतीश अग्रवाल ने सतीश भार्गव की पत्नी के ऑर्डर पर 3 हजार यूएस डॉलर और पासपोर्ट छीन लिया और इंडिया से और ज्यादा पैसा मंगवाने के लिए कहा। मना करने पर सतीश भार्गव और धर्मजीत सैणी के साथ फोन पर बात करवाई।
और ज्यादा पैसा नहीं मंगवाने पर हर रोज मारना शुरू कर दिया। एक दिन उसे बताया गया कि आपके साथ किया एग्रीमेंट खत्म कर दिया गया है। इंग्लैंड में रहते दोस्त धामी ने इंडिया वापस आने के लिए पैसे भेजे। भारत लौटने के बाद इमिग्रेशन के ऑफिस गए तो सतीश, उसके दोस्त धर्मजीत सैणी ने परिवार को बेइज्जत कर कोई और ही एग्रीमेंट दिखा दिया। कंपनी ने चालाकी से ऑरिजनल एग्रीमेंट बदल दिया और पैसे वापस करने से साफ मना कर दिया।
वह थक हारकर दिसंबर 2016 में पुलिस के पास पहुंचा पर किसी ने एक सुनी। नवीन ने अपने सुसाइड नोट के आखिर में लिखा है कि सतीश भार्गव, उसकी पत्नी दोस्त धर्मजीत सैणी अब उसे जान से मारने की धमकी देते हैं। कहते हैं कि उन्हें उसकी बहन की जॉब टाइमिंग का पता है। तीनों लोग ही उसकी मौत के लिए जिम्मेदार हैं।