वारदात के बाद मौके पर मोबाइल फोरेंसिक टीम पहुंची, जिसके बाद वारदातस्थल की वीडियोग्राफी करवाई गई। इस दौरान फोरेंसिक टीम ने मौके पर सबूत इकट्ठा किए। टीम ने सियाज कार को खंगालने पर दो खोखे अगली सीट के पास और तीन खोखे कार के पास बरामद हुए हैं। बताया गया कि गोलियां .32 बोर की पिस्टल से चलाई गईं। साथ ही मौके से फिंगर प्रिंट जब्त कर गहनता से जांच में जुट गई।
सीसीटीवी में कैद हुए बदमाश
चौक और वारदातस्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज में बाइक सवार दो बदमाश कैद हो गए हैं। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि बाइक सवार एक आरोपी हेलमेट पहने हुए था जबकि दूसरा बिना हेलमेट के सवार था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सेक्टर-38 की ओर फरार हो गए। फिलहाल पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर आरोपियों की पहचान में जुट गई है।
फाइनेंस का काम करता था सुरजीत
सुरजीत बाउंसर पहले डिस्कोथेक और वीआईपी लोगों को बाउंसर उपलब्ध करवाता था। इसके बाद वह आए दिन विवादों में रहने लगा। सुरजीत ने एक साल पहले बाउंसर उपलब्ध कराने का काम छोड़ दिया था। सुरजीत के दोस्त ने बताया कि सुरजीत मोहाली में अब फाइनेंस का काम करता था। सुरजीत शादीशुदा था और उसके एक 12 वर्षीय बेटा है। परिवार सेक्टर-38 वेस्ट में रहता है।
पुरानी रजिंश के चलते हुई हत्या
मई 2017 में सकेतड़ी मंदिर के पास बाउंसर अमित शर्मा उर्फ मीत की दो नकाबपोश युवकों ने गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। हत्या की वजह दो गुटों के बीच रंजिश थी। मामले में पुलिस ने सोनू शाह, गगन और सुरजीत के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जांच में चंडीगढ़ के सेक्टर-26 और मोहाली में कुछ समय पहले बाउंसरों के दो गुटों में वर्चस्व को लेकर हुई फायरिंग में एक गुट सोनू शाह और दूसरा गुट अमित शर्मा उर्फ मीत का था। इस केस में पुलिस ने कई बार सुरजीत से पूछताछ भी की थी। इसके बाद से ही दोनों गुटों में तनातनी चल रही थी। पुलिस को आशंका है कि पुरानी रंजिश के चलते सुरजीत की हत्या हुई है।
बाइक का नंबर राजस्थान का
सूत्रों के अनुसार, पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों के बाइक का नंबर राजस्थान का था। पुलिस ने वारदात के बाद एरिया सील कर आरोपियों की तलाश में जुट गई।