हिमाचल प्रदेश के सीएम वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे अकांक्ष सेन की हत्या में इस्तेमाल बीएमडब्ल्यू की पुलिस ने मैकेनिकल जांच करवाई। मंगलवार को सेक्टर-3 पुलिस स्टेशन में सीएफएसएल विशेषज्ञों की टीम ने पहुंचकर कार की पूरी बारीकी से जांच की। कार के दो टायरों पर खून के कुछ पुराने निशान मिले हैं।
बीएमडब्ल्यू की जांच सीएफएसएल की पांच सदस्यीय टीम ने की। कार की हर एंगल से वीडियोग्राफी की गई। लेफ्ट साइड बंपर से सफेद रंग उतरा हुआ मिला। सीएफएसएल टीम ने बंपर के उस हिस्से से कुछ नमूने भी लिए। टीम जांच करेगी कि यह डेंट व उतरा हुआ पेंट कितने दिन पहले का है और यह कैसे उतरा।
वहीं विशेषज्ञों ने पाया कि गाड़ी के आगे का हिस्सा अंदर मुड़ा हुआ है। टायर के बीच जमा मिट्टी के नमूने भी सीएफएसएल ने एकत्रित किए। सीएफएसएल टीम को गाड़ी के बाईं तरफ के आगे व पीछे के टायरों पर कुछ पुराने जमा हुए खून के निशान मिले हैं। सीएफएसएल ने वो नमूने भी लिए हैं। हाई प्रोफाइल मामला होने के कारण पुलिस ने सीएफएसएल टीम से जल्दी रिपोर्ट देने को कहा है।
जल्द पकड़ा जाएगा रंधावा
Akansh Murder
- फोटो : File Photo
जल्द पकड़ा जाएगा रंधावा
मंगलवार को भी पुलिस की टीमों ने पंजाब व हरियाणा में मामले के मुख्य आरोपी बलराज सिंह रंधावा की तलाश में छापेमारी की, लेकिन पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लग पाया। सेक्टर-3 पुलिस स्टेशन की एसएचओ पूनम दिलावरी ने कहा कि पुलिस टीमें रंधावा की तलाश कर रही हैं। जल्द आरोपी की गिरफ्तारी की खबर दी जाएगी।
वहीं सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने बलराज के किसी करीबी को काबू किया है और उसकी निशानदेही पर छापेमारी कर रही है और बुधवार तक उसको गिरफ्तार किया जा सकता है।
अकांक्ष सेन को 9 फरवरी को सुबह सेक्टर-9 स्थित कोठी नंबर 165 के सामने बीएमडब्ल्यू से कुचलकर बलराज सिंह रंधावा और हरमेहताब सिंह फरीद फरार हो गए थे। हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद को हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया था, जबकि कार मंडी गोबिंदगढ़ से बरामद की गई थी।