नोएडा की सेक्टर 20 थाना पुलिस ने बीते दिन बावरिया गिरोह के तीन सदस्यों को दबोचा है, जिनसे पूछताछ करने के लिए पुलिस टीम रवाना हो गई है। पुलिस सूत्र बताते हैं कि गिरफ्तार बावरिया गिरोह के बदमाशों ने हरियाणा, राजस्थान, पंजाब व उत्तर प्रदेश में कई वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की है।
इन बदमाशों से पुलिस टीम को हरियाणा में सक्रिय बावरिया गिरोह के कुछ सदस्यों के बारे में भी ठोस सुराग लगे हैं। जिस तरह दोनों ट्रेनों में डकैती डाली गई, उससे पुलिस टीमों को यकीन हैं कि स्थानीय सक्रिय बदमाशों से गिरोह ने जानकारियां जुटाई थीं। इनमें रोहतक रेलवे स्टेशन पर सीटीटीवी का नहीं होना, मकड़ौली से भागने के लिए सुरक्षित स्थान आदि जानकारियां शामिल हैं।
डकैती के छह दिन भी नहीं हुई बदमाशों की गिरफ्तारी
गरीब रथ डकैती के मामले में घटना के छह दिन बाद भी एक भी डकैत संयुक्त टीम के हाथ नहीं लगा है। हालांकि बीते दिन 2013 में पानीपत पैसेंजर में डकैती डालने के तीन आरोपियों को लेकर पुलिस ने पूछताछ की थी, लेकिन इस मामले में उनकी संलिप्तता स्पष्ट नहीं हुई है। अब पुलिस को बावरिया गिरोह के सदस्यों और उनकी मदद करने वाले स्थानीय बदमाशों की तलाश है।
गेटमैन से हुई घंटेभर पूछताछ
सोमवार को एसटीएफ, जीआरपी सीआईए दिल्ली-हरियाणा की टीमों ने फिर मकड़ौली जाकर मौका मुआयना किया। गरीब रथ के जी-7 और जी-9 से हुई चेन पुलिंग होने के स्थानों को देखा। इसके साथ ही टीम ने वारदात की रात गेट नंबर सी-7 व सी-8 पर तैनात गेटमैन से करीब एक घंटे तक पूछताछ की।
हरियाणा व दिल्ली से जुड़े उत्तर प्रदेश और राजस्थान के जिलों की जेल में बंद बावरिया गिरोह के सदस्यों से सुरागकशी करने के लिए पुलिस की टीमें लगी हुई हैं। पूछताछ के दौरान टीमों के हाथों कुछ सुराग हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर पुलिस टीमों ने डकैतों की तलाश शुरू कर दी है।
जांच पड़ताल से अब तक यही सामने आया है कि दोनों ट्रेनों में बावरिया गिरोह ने ही डकैती डाली है। कुछ दिनों से गिरोह के हरियाणा में सक्रिय होने का इनपुट था। राजस्थान से लगा होने की वजह से इनका हरियाणा में आवागमन आसान है। इसके चलते जेल में बंद बावरिया गिरोह के सदस्यों के साथ-साथ स्थानीय बदमाशों से भी पूछताछ की जा रही है। नोएडा में पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ करने के लिए टीम को भेजा गया है। - धीरज सेतिया, एसपी जीआरपी अंबाला