राजिंदर सिंह उर्फ गंजा दिल्ली और श्रीनगर से आने वाली नशे की खेप को हासिल करके पंजाब में सप्लाई करता था। ड्रग मनी को हवाला राशि के रूप में नवप्रीत को वापस भेज देता था। नव के तार प्रतिबंधित संगठन खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के साथ जुड़े हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के जजबीर सिंह उर्फ जज को जब गिरफ्तार किया गया था तो उसने पूछताछ में यह कुबूल किया था कि वह राजिंदर सिंह गंजा के द्वारा हेरोइन की सप्लाई करता था।
जजबीर सिंह के कब्जे से दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए जो हरमीत सिंह उर्फ पीएचडी द्वारा सीमा पार से सप्लाई किए गए थे। अटारी में पाकिस्तान के रास्ते नमक की बोरियों के बीच 532 किलो हेरोइन लाने वाले नशा तस्कर रणजीत सिंह उर्फ चीता को पंजाब पुलिस ने मई में गिरफ्तार किया था। इस खेप के तार भी नवप्रीत नव से जुड़े पाए गए थे।
चीता ने भी पूछताछ में बताया था कि वह हरप्रीत सिंह उर्फ चिंटू निवासी फिल्लौर को नशा सप्लाई करता था। नवप्रीत सिंह उर्फ नव भी बड़ी मात्रा में हेरोइन हरप्रीत सिंह उर्फ चिंटू को सप्लाई करता था। बाद में उसने नशे के कारोबार में रंजिश के कारण नेकदीप सिंह उर्फ सन्नी के साथ मिलकर चिंटू को मारने की साजिश रची। तभी से राजिंदर सिंह ने नवप्रीत के इशारे पर पंजाब में हेरोइन तस्करी के नेटवर्क को चलाना शुरू कर दिया था।
कपूरथला में 400 किलो हेरोइन बेचने के नेटवर्क के पीछे भी नवप्रीत सिंह नव था। पिछले साल मई में कपूरथला पुलिस ने जालंधर के हरगोबिंद नगर के नेकदीप उर्फ सन्नी से पूछताछ की तो सामने आया कि इस रैकेट ने पिछले डेढ़ साल में करीब 400 किलो चिट्टे की डिलीवरी सूबे में दी है। उन दिनों नवप्रीत नव दुबई में ठहरा हुआ था। उसी के कहने पर नेकदीप डिलीवरी करता था।
नेकदीप से ही कपूरथला के एक बड़े कांग्रेस नेता के चेले ओंकार सिंह कारी ने चार किलो चिट्टे की डिलिवरी ली थी। पुलिस ने कारी को गिरफ्तार किया तो तार नवप्रीत सिंह नव से ही जुड़े पाए गए। खुफिया एजेंसियों के अनुसार नवप्रीत की दुबई की लोकेशन उन तक पहुंच गई थी, जिसके बाद नव ने अपना ठिकाना दुबई से बदलकर पुर्तगाल कर लिया। वह यूरोपी देश में है, जहां से ठिकाना बदलना बेहद आसान है।
भारत-पाक सीमा का 553 किलोमीटर का इलाका पंजाब से सटा है। इसका पूरा फायदा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी उठा रही है और सीमावर्ती किसानों व युवाओं को लालच देकर नशे का सौदागर बना रही है। आईएसआई ने 14 ऐसे नामी तस्करों को टास्क दे रखी है, जो बेरोक टोक सीमा से हेरोइन की खेप धकेल रहे हैं।
पाकिस्तान के लाहौर में बैठे वारिस डोगर, शकील डोगर, बूटा रियात, आरिफ, हाजी, नवाज, लियाकत और अहमद्दीन, काफिल मसीह उर्फ कोदर, कालू, बिलाल राणा, आबाद अली, भोला नदीन, कादर शाह वली, मोहम्मद काजिफ, अली, आबादी व उसका बेटा सिकंदर मुख्य रूप से पंजाब में तस्करी कर रहे हैं।
पंजाब व देश में जितनी भी हेरोइन की खेप बरामद हो रही हैं उनके तार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से पंजाब के सीमावर्ती इलाके के रहने वाले लोगों से जुड़ रहे हैं। खासकर फिरोजपुर व तरनतारन में बड़ी संख्या में युवा नशे की तस्करी के धंधे में लिप्त हो चुके हैं।
एक लाख की किलो बिकती है आठ करोड़ में
दरअसल, हेरोइन तस्करी का धंधा मोटा मुनाफे वाला है। अफगानिस्तान से हेरोइन एक लाख रुपये किलो में खरीदी जाती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत आठ करोड़ रुपये किलो तक पहुंच जाती है। इसमें कोरियर से लेकर तस्कर और सप्लायर तक अपना हिस्सा रखते हैं।