उन्होंने पंजाब सरकार से इस मामले में आरोपी पुलिस मुलाजिमों पर हत्या का केस दर्ज करने, साजिश रचने वाले लोगों पर कार्यवाही करने व मृतक के शव को बरामद करके परिवार को सौंपने समेत पूरे मामले की न्यायिक जांच करवाने की बात कही। एसएसपी राजबचन सिंह संधू ने कहा कि पुलिस ने शव की तलाश के लिए चार टीमों को राजस्थान नहर खंगालने में लगा दिया है।
साथ ही इस मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। मालूम हो कि मुक्तसर के गांव पंजाबा निवासी जसपाल सिंह को सीआईए स्टाफ ने एक शिकायत के आधार पर 18 मई की रात को यहां के गांव रत्ती रोड़ी से हिरासत में लिया था।
उसी रात जसपाल सिंह ने सीआईए के लॉकअप में फंदा लगाकर जान दे दी और उसकी मौत के बाद सीआईए के इंचार्ज ने कर्मियों के साथ मिलकर शव को नहर में फेंक दिया।
बाद में इसी बात के तनाव में 19 मई को शाम 5 बजे सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर नरिन्द्र सिंह ने गोलीमार खुदकुशी कर ली थी। मामले में पुलिस ने मृतक नौजवान के मामा के बयान पर उसके संपर्क वाले दोस्तों के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया था।
इसमें एक दिन पहले उसकी मौत की पुष्टि होने के बाद आत्महत्या को मजबूर करने की धारा शामिल की गई और खुदकुशी करने वाले इंस्पेक्टर नरिन्द्र सिंह को नामजद किया गया। इसी केस में बुधवार को सीआईए के दो कांस्टेबल गिरफ्तार किए गए हैं।