डीटीओ दफ्तर में एक व्यक्ति को एजेंटों द्वारा ठगने का मामला सामने आया है। ठगी का शिकार हुए व्यक्ति ने इस संबंधी डीसी व एसएसपी को शिकायत दी है। साथ ही उचित कार्रवाई की मांग की है।
फेज-7 निवासी गुरविंदर सिंह ने बताया कि उसने अपनी कंपनी के नाम पर नवंबर 2013 को एक आटो खरीदा था। साथ ही उसके आरसी व कागजात भी तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की थी।
इसी दौरान तहसील कांप्लेक्स में काम करने वाले एजेंट राजू और भूपिंदर नाम के व्यक्ति से उनकी मुलाकात की। उन्होंने उन्हें विश्वास दिलाया कि उसके सारे कागज वे खुद तैयार करके दे देंगे।
उन्हें कहीं भी नहीं जाना पड़ेगा। इसके बाद उन्होंने फाइल तैयार करने के लिए उन्हें 20 हजार ले लिए। फाइल जमा करवाने के बाद इन व्यक्तियों ने उसको डीटीओ दफ्तर की एक रसीद दी। लेकिन काफी समय तक उनके उसे आरसी नहीं दी। एजेंट उनसे गेम करते रहे। जब उन्होंने डीटीओ दफ्तर में जाकर रसीद दिखाई तो उनकी सारी गेम पता चली। क्योंकि वह रसीद जाली थी।
डीटीओ आफिस के रिकॉर्ड उसका कोई मिलान नहीं हुआ। बात का पता चलते ही उनके होश उड़ गए। लेकिन उसके बाद वे भी पैसे देने को तैयार नहीं है। उन्होंने बताया कि इन दोनों व्यक्तियों में से एक की बहन डीटीओ दफ्तर में मुलाजिम है।