शहर से सटे गांव जुझार नगर के पूर्व सरपंच के घर पर रविवार/सोमवार रात कुछ लोगों ने हमला कर दिया। हमलावरों ने कोठी की खिड़कियों और दरवाजों में लगे सारे शीशे ईंट और डंडों से तोड़ दिए।
दरवाजे की कुंडी तोड़कर घर में घुसने की कोशिश की गई। जब हमला हुआ तो पूर्व सरपंच के घरवाले दूसरे घर में थे। जिससे जानी नुकसान होने से बचाव हो गया। पूर्व सरपंच का आरोप है कि उन पर यह हमला मौजूदा सरपंच राजकुमार ने कराया है। उन्होंने इस संबंध में 181 हेल्पलाइन पर सरपंच के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी है। मौके पर पुलिस की पीसीआर पार्टी भी पहुंच गई। पुलिस ने सारी स्थिति का मुआयना कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
गांव के पूर्व सरपंच इकबाल सिंह ने बताया कि वह मकान नंबर 38 में रहते हैं। हमले में उनको ही निशाना बनाया गया था। लेकिन उनके रिश्तेदार सोहाना अस्पताल में भर्ती हैं। इस कारण वह मिलकर रविवार देर रात घर पहुंचे।
अकाली दल के हैं दोनों नेता, दबदबे की लड़ाई
पूर्व सरपंच ने बताया कि वह अपने दूसरे मकान पर ही रुक गए थे। उन्होंने बताया कि जब वह सुबह मकान में पहुंचे, तो मकान में तोडफोड़ हुई पड़ी थी। घर में ईंट एवं अन्य सामान बिखरा पड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरपंच राजकुमार ही यह सब करवा रहा है।
इतना ही नहीं उनके एक जानकार बल्देव सिंह की रात को झोपड़ी को भी तोड़ दिया गया। यह झोपड़ी शामलाती जमीन पर पड़ी हुई थी। बल्देव ने इस बारे में पंचायत विभाग को वहां रहने के बदले किराया देने के लिए प्रार्थना पत्र दे रखा है, जो विचारधीन है। झोपड़ी बिना किसी आदेश के तोड़ी गई है।
सूत्रों की मानें तो पूर्व सरपंच एवं मौजूदा सरपंच दोनों ही अकाली दल के हैं। मौजूदा सरपंच इलाके में अपना दबदबा दिखाना चाहता है। इसके लिए वह इस तरह के पंगे लेता रहता है। परंतु इस मामले को निपटाने के लिए भी वह काफी प्रयास कर रहा है।
मौजूदा सरपंच ने अपना पक्ष रखा
गांव के सरपंच राजकुमार ने पूर्व सरपंच द्वारा लगाए जा रहे सभी आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरपंच चुनाव हार गए थे। इसके बाद से वह खुंदक में रहते हैं।
जानबूझ कर उन्हें परेशान करने की कोशिशें करते हैं। ताकि मैं पद से इस्तीफा दे दूं। इससे पहले भी उनके खिलाफ कई शिकायतें दे चुके हैं। जहां तक पिछले हमले की बात है, वह सेक्टर-68 में रहते हैं। हमला रात में हुआ था। उस समय वह अपने घर में थे।