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सिरसा से सामान लेकर लौट रहे डेरा प्रेमी के परिवार पर हमला, पीड़ित ने लगाया इन पर आरोप

Sun, 24 Sep 2017 11:03 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, रोहतक
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डेरा प्रेमी का परिवार सिरसा से सामान लेकर लौट रहा था। इस दौरान बाइक सवार तीन युवकों ने ओवरटेक कर कार रुकवाने की कोशिश, नहीं रोकने पर कार का शीशा तोड़ दिया। पढ़ें किसने कराया हमला
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रोहतक के चरखी दादरी में बलकरा गांव निवासी डेरा प्रेमी सोमबीर आत्महत्या मामले के करीब 16 दिन बाद सिरसा डेरे से सामान लेकर लौट रहे उनके परिजनों पर हमला करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बवानीखेड़ा मोड़ के समीप से बाइक सवार तीन युवकों ने कैंटर और कार में लौट रहे परिवार का पीछा किया। 

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काफी देर पीछा करने के बाद हमलावर आल्टो कार का शीशा तोड़कर फरार हो गए। डेरा प्रेमी के बेटे प्रदीप का कहना है कि इस हमले के पीछे डेरा कमेटी की साजिश हो सकती है, क्योंकि उन्होंने डेरे के खिलाफ आवाज उठा रखी है। 
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इस मामले में परिजनों का यह भी कहना है कि उन्होंने मामले की जानकारी भिवानी और दादरी पुलिस को दी है। भिवानी सदर प्रभारी का कहना है कि उनके पास ऐसी कोई सूचना नहीं है। दूसरी तरफ दादरी इंचार्ज का कहना है कि उनके पास फोन आया था। उसको संबंधित प्रभारी को नंबर दिया था।  

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डेरा अनुयायी सोमबीर का शव आठ सितंबर को डेरे के नाम की गई जमीन पर बने कुएं से बरामद हुआ था। उसकी मौत के बाद उसके परिजन खुलकर डेरा कमेटी के खिलाफ बोलने लगे थे। उन्होंने डेरा प्रबंधन कमेटी पर उसके पिता से जबरन परमार्थ कराने व उनकी पुश्तैनी जमीन डेरे के नाम कराने का आरोप लगाया था। 

सोमबीर के पोस्टमार्टम के दौरान पुलिस ने उसके परिजनों के बयान पर आईपीसी की धारा 306 सहित अन्य धाराओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था। वहीं, डेरा अनुयायी के
परिजनों ने सिरसा डेरा कमेटी द्वारा जबरन हड़पी गई करोड़ों की राशि के लिए कोर्ट की शरण लेने का तर्क भी दिया था।

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इस दौरान परिजनों के जान का खतरा बताने पर पुलिस ने परिवार की सुरक्षा में एक गनमैन को तैनात किया था।  मृतक डेरा अनुयायी सोमबीर के बेटे प्रदीप का कहना है कि 21 सितंबर को वे सिरसा अपना सामान लेने गए थे।
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रात करीब साढ़े नौ बजे जब वे बवानीखेड़ा मोड़ के समीप पहुंचे तो एक बिना नंबर प्लेट की डिलक्स बाइक पर सवार तीन युवकों ने उनकी गाड़ी के पीछे बाइक लगा दी। उस दौरान कार में उसके साथ गनमैन चरण सिंह, उसका फूफा महेंद्र और सतबीर भी थे।

​पीछे चल रहे सामान के कैंटर में चालक-परिचालक, उसका भाई ललित सहित चार लोग सवार थे। प्रदीप ने बताया कि बाइक सवारों ने कई दफा ओवरटेक कर उनकी कार को रुकवाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने गाड़ी नही रोकी। इस पर उन्होंने हमला कर दिया। 

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मामले की शिकायत सदर थाना पुलिस भिवानी और बवानीखेड़ा थाने में भी दी। दादरी सदर थाना प्रभारी रघुवीर सिंह और सिक्योरिटी इंचार्ज मंजीत अहलावत को उन्होंने मौखिक रूप से इसकी जानकारी दी। एसएचओ जय सिंह का कहना है कि ऐसे किसी मामले की शिकायत पुलिस के पास नहीं आई है। डेरा अनुयायी का बेटा शिकायत देने का झूठा तर्क दे रहा है।
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