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घर में घुसकर युवक पर किया तलवारों से जानलेवा हमला

Mon, 17 Feb 2014 08:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पुरानी रंजिश के चलते हथियारों से लैस एक दर्जन युवकों ने रामदरबार के युवक के घर में घुसकर हमला कर दिया। पड़ोसियों ने पुलिस को बुलाया तो हमलावर युवकों ने उनके घर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ कर जान से मारने की धमकी दी।
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हैरानी यह है कि मौके पर पहुंची पीसीआर और थाना पुलिस युवकों को देखकर भाग निकली। हादसे में एक युवक घायल हो गया जबकि एक्टिवा समेत तीन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। भागते-भागते युवक केमिस्ट शॉप का शीश भी तोड़ गए। वहीं पुलिस ने घायल युवक संदीप को जीएमसीएच में दाखिल करवाया।

रामदरबार निवासी महिला कुसुम की शिकायत पर उसके बेटे संदीप पर जानलेवा हमला करने वाले गौरा, रवि, रॉकी समेत अन्य पर हत्या के प्रयास और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्जकर लिया।
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रामदरबार फेस एक के मकान नं 1194 निवासी कुसुम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि करीब दस बजे उनके बेटे शुभम पर कालोनी के युवक गौरा, रवि और रॉकी ने तलवारों से वाल्मीकि मंदिर के पास हमला कर दिया। बेटा जान बचाते हुए घर पहुंचा तो युवक उसके पीछे आए और घर में घुसकर सिर में तलवार मारकर घायल कर दिया।

इतने में युवकों ने रिचार्ज करवाकर घर लौट रहे मकान नं 1260 निवासी योगेश पर हमला किया। योगेश ने विरोध किया तो उसके घर के बाहर खड़ी दो मोटरसाइकिल और एक्टिवा तोड़ दिए। इसकेअलावा घर में घुसकर दरवाजे, टीवी फ्रिज तोड़ गए।

चश्मदीद अशोक कुमार ने बताया कि पीसीआर और सेक्टर 31 थाना पुलिस को हमले की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही पीसीआर और सेक्टर 31 थाने में जांच अधिकारी एएसआई रणजीत सिंह मौके पर पहुंचे और हथियारों से लैस युवकों को देखकर फरार हो गए।

उन्होंने बताया कि जान बचाने के लिए बार-बार पुलिस को सूचना दे रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनकी कोई सहायता नहीं की। यही नहीं हमलावर युवक दो मकानों में तोड़फोड़ करने के बाद केमिस्ट शॉप के शीशे तोड़कर भी फरार हो गए। योगेश कुमार ने बताया कि हमलावर युवक सरेआम तलवार और डंडे लेकर रामदरबार में घूमते रहे, लेकिन पुलिस उन्हें पकड़ने की हिम्मत नहीं कर सकी।

फोन बिजी, नहीं दिया नाइट डीएसपी का नंबर
चश्मदीद अशोक कुमार ने बताया कि मौके से पुलिस द्वा रा भागने पर अपनी जान बचाने के लिए पुलिस कंट्रोल रुम में जानकारी देने लगे तो फोन बिजी आता रहा। काफी देर बाद फोन मिला और नाइट डीएसपी का नंबर मंगा, लेकिन कंट्रोल रुम में तैनात स्टाफ ने नाइट डीएसपी का नंबर देने से इंकार कर दिया।
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