किसी ने न तो फोन पर कार्ड ब्लॉक होने का डर दिखाकर पिन नंबर मांगा, न ही कभी किसी एटीएम पर किसी लड़के से एटीएम पर पैसे न निकलने पर मदद मांगी कि किसी ने कार्ड की जानकारी ले ली हो।
उसके बावजूद खाते से 7400 रुपये निकल गए। पीड़ित महिला को पैसे निकलने के 23 दिन बाद इसका पता चला। पीड़िता ने मामले की शिकायत बैंक व पब्लिक विंडो पर दे दी है।
कालोनी नंबर चार में रहने वाली विधवा शबाना मंगलवार सुबह जब सेक्टर 31 में बैंक ऑफ इंडिया गई तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। बैंक अधिकारी ने बताया कि उसके खाते में सिर्फ 2600 रुपये हैं।
शबाना ने बताया कि खाते में कुल दस हजार रुपये थे। जब अधिकारी ने चेक किया तो पता चला कि 18 नवंबर को उसके खाते से आनलाइन दो बार ट्रांजेक्शन की गई है। पहली ट्रांजेक्शन 4900 रुपये की और दूसरी 2500 रुपये की हुई है।
सिलाई कढ़ाई का काम कर एक एक पैसा जोड़ा था
पुलिस
- फोटो : file photo
शबाना ने बताया कि उसके पास तो किसी का कोई फोन भी नहीं आया। आखिरी बार जून में एटीएम से पैसे निकाले थे। इसके बाद शबाना ने बैंक में भी शिकायत दी है। वह पड़ोसियों को लेकर साइबर सेल पहुंची।
वहां कहां गया पहले हेडक्वार्टर में पब्लिक विंडो पर शिकायत दो, वहां से हमारे पास शिकायत आएगी। उसके बाद शबाना ने हेडक्वार्टर में पब्लिक विंडो पर अपनी शिकायत दे दी है।
शबाना ने बताया कि उसके पति का देहांत हो चुका है। दो बच्चों के साथ कालोनी में रहती है। सिलाई कढ़ाई का काम कर एक एक पैसा जोड़ा था और खाते में जमा किया था। उसे भी ठगों ने नहीं छोड़ा। बैंक व पुलिस कहती है कि मामला काफी पुराना हो चुका है पैसे वापस मिलने की भी कोई उम्मीद नहीं है।