यौन शोषण करने वाले विभागाध्यक्ष पर कार्रवाई न होने से क्षुब्ध सहायक प्रोफेसर ने आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। मामला रोहतक का है।महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग की पूर्व सहायक प्रोफेसर ने यौनशोषण से क्षुब्ध होकर नौकरी छोड़ी थी।
उन्होंने मामले में आरोपी विभाग के ही प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने से क्षुब्ध होकर कुलपति को पत्र लिखकर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।
पीडि़ता का कहना है शिकायत करने के दस दिन बाद भी विवि प्रशासन ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया है। इससे पहले वे महिला सैल में भी न्याय की गुहार लगा चुकी हैं।
भिवानी की रहने वाली, विभाग में गेस्ट लेक्चरर थी
rape with minor
मूलरूप से भिवानी निवासी महिला ने बताया कि वह मदवि के शारीरिक शिक्षा विभाग में बतौर गेस्ट सहायक प्रोफेसर कार्यरत थीं। करीब एक माह पहले वह विभागाध्यक्ष के यौन उत्पीडऩ के चलते नौकरी छोड़ चुकी हैं। नौकरी जाने का जिम्मेदार विभाग के अध्यक्ष हैं।
कुलपति को लिखे पत्र में कहा कि पहले भी विस्तार से इस घटना के बारे में शिकायत दी जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लगातार दस दिन से वह न्याय की लिए भटक रही हैं, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही।
अगर शीघ्र ही आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वे मदवि में ही आत्मदाह करने पर मजबूर होगी, जिसके जिम्मेदार विवि प्रशासन और कुलपति स्वयं होंगे। बता दें कि इस मामले की जांच के लिए कुलपति ने एक कमेटी भी गठित कर रखी है, जो आरोपी और शिकायतकर्ता के बयान दर्ज कर चुकी हैं।