राज्य सरकार की हिदायतों पर पंजाब पुलिस की तरफ से नशे की स्मगलिंग के खिलाफ शुरू की मुहिम के अंतर्गत नशा सौदागरों से संबंधों के आरोप में थाना फतेहगढ़ पंजतूर में तैनात एएसआई प्यारा सिंह को सोमवार शाम को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। इस मुहिम के अंतर्गत कई थाना मुखियों और पुलिस मुलाजिमों पर भी गाज गिर सकती है।
नशा सौदागरों के खिलाफ छेड़ी इस मुहिम के अंतर्गत पुलिस बड़े तस्करों तक पहुंचने में नाकाम साबित हुई है। इस मुहिम के अंतर्गत पुलिस अब तक किसी भी बड़े तस्कर को गिरफ्तार नहीं कर सकी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि नशे की जमीनी स्तर पर सप्लाई चेन तोड़ने की हिदायतों के मुताबिक यह कार्रवाई की गई है।
राज्य भर में 20 मई से शुरू की इस विशेष मुहिम के अंतर्गत जिले में 24 महिलाओं समेत 112 के खिलाफ नशा तस्करी के आरोप में केस दर्ज कर 17 महिलाओं समेत 68 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस रिकार्ड के मुताबिक गिरफ्तार मुलजिमों के पास से 26 मई तक 511 ग्राम हेरोइन, 160 ग्राम स्मैक, 1 किलो 100 ग्राम अफीम, 3.42 क्विंटल भुक्की, 100 ग्राम चरस, 1.5 किलो नशीला पाउडर, 48 टीके, 2416 नशीली गोलियां और 28 नशीली दवा की शीशी के अलावा 6,90,700 रुपये नकदी जब्त की गई है।
तस्करी के लिए बदनाम गांव दौलेवाला में विशेष छापामारी के दौरान तस्करी के आरोप में गिरफ्तार एक महिला की पूछताछ और कॉल डिटेल के आधार पर एएसआई प्यारा सिंह को नौकरी से बर्खास्त किया बताया जा रहा है।
बर्खास्त किए गए एएसआई प्यारा सिंह की दो महीने पहले ही इस थाने में तैनाती हुई थी। इससे पहले वह भगोड़ा स्टाफ (पीओ) में तैनात था तो उसने भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार करने में अहम रोल अदा किया था।
जिला पुलिस प्रमुख एस. भपूथी से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इस बारे में डीएसपी (डी.) हरपाल सिंह रंधावा ने कहा कि उनको बर्खास्त किए जाने के कारणों के बारे में पता नहीं है और अब पता करवा रहे हैं।