पंजाब पुलिस के एक एएसआई ने अपने हेड कांस्टेबल साथी के साथ मिलकर हवाला कारोबारी के घर से बीस लाख रुपये लूट लिए। जब पुलिस ने जांच की तो मामला खुल गया।
पुलिस ने एएसआई गुरकेवल सिंह, हेड कांस्टेबल सरबजीत सिंह, सुरजीत सिंह सोनी, मनी कुमार उर्फ टिंकू, कमल किशोर और नीलम कुमार उर्फ पाटिल के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों मुलाजिमों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इन आरोपियों के खिलाफ शिकायत देने वाले जयदीप और उसकी कंपनी के खिलाफ भी पुलिस जांच कर रही है।
डीसीपी ध्रुमण निंबले ने कहा कि जयदीप अहमदाबाद की पटेल कमलेश कुमार कांति लाल एंड कंपनी में बतौर मैनेजर काम करता है। उसने दो दिन पहले शिकायत दी थी कि 2 मई को कंपनी के जालंधर यूनिट का मैनेजर उसे चार लाख रुपये किसी काम के लिए दे गया था। दोपहर के समय दो वर्दीधारी और एक बिना वर्दी के तीन लोग उसके घर घुस आए और उसे मारपीट कर चार लाख रुपये लूट ले गए। इसके बाद पुलिस ने जांच की। जांच के दौरान कुछ अलग कहानी सामने आई।
दो पुलिस कर्मचारियों समेत छह पर केस दर्ज
पंजाब पुलिस
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डीसीपी ने कहा कि आरोपी नीलम कुमार को पता चला कि जयदीप ट्रांजेक्शन कंपनी में काम करता था और साथ में हवाला का कारोबार भी करता है। उसे अंदाजा था कि जयदीप के घर में पचास लाख रुपये हैं। उसने इसकी जानकारी अपने दोस्त मनी और कमल को दी। कमल और मनी ने इसके बारे में सुरजीत सिंह उर्फ सोनी को बताया। एएसआई गुरकेवल सिंह और हेड कांस्टेबल सरबजीत सिंह सोनी के दोस्त थे।
सभी ने मिल कर जयदीप के घर लूट का प्लान बनाया। इसके तहत गुरकेवल और सरबजीत नीलम को लेकर जयदीप के घर पहुंचे। वहां उन्हें 20 लाख रुपये मिले। आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और डरा धमका कर उससे पैसे लेकर चलते बने। जयदीप ने इसके बारे में अपने मालिकों को बताया। उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत करने को कहा, लेकिन पैसे कम लिखाने की बात कही। जयदीप ने बीस के बजाय चार लाख रुपये लिखवाकर पुलिस में शिकायत कर दी। पुलिस ने जब जांच की तो मामला खुल गया। इसके बाद पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया।
डीसीपी ने कहा कि जयदीप और उसकी कंपनी के खिलाफ पुलिस ईडी को लिखकर भेजेगी और जांच करने की सिफारिश करेगी। आरोपी एएसआई गुरकेवल के खिलाफ पहले भी बठिंडा में तीन मामले दर्ज हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुटी हुई है ताकि पूरे रैकेट का पर्दाफाश हो सके।