फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गिरफ्तार होंगे पंजाब के आईजी चीमा, वारंट

Wed, 17 Sep 2014 05:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
विज्ञापन
विज्ञापन
क्रिस्पी खैहरा से छेड़छाड़ और अपहरण के आरोपी राज्य के निलंबित आईजी (आईटी) गौतम चीमा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मंगलवार को जिला अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।
विज्ञापन


साथ ही जिला पुलिस को आरोपी को गिरफ्तार कर 27 सितंबर तक पेश करने का आदेश दिया है। वहीं जिला पुलिस आरोपी निलंबित आईजी को अब तक गिरफ्तार करने में नाकाम रही है।

इसे लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान उठ रहे हैं। मामले के सभी आरोपियों ने ईमेल के माध्यम से अपना पक्ष डीजीपी के समक्ष रखा था, लेकिन अभी तक पुलिस उन तक पहुंच नहीं पाई है। गौरतलब है कि चीमा पर कॉलोनाइजर दविंदर गिल की पत्नी क्रिस्पी खैहरा ने शारीरिक शोषण का आरोप लगाया था।
विज्ञापन


आईजी पर फेज-1 थाने से आरोपी सुमेध गुलाटी को अगवा करने का भी आरोप है। गुलाटी की पत्नी मनिंदर ने इस बारे में शिकायत दी थी। इसके अलावा दोनों मामलों में सेना के बर्खास्त अधिकारी अजय चौधरी और उनकी एक महिला मित्र का नाम भी शामिल है। पुलिस उन्हें भी अब तक नहीं पकड़ सकी है।

शारीरिक शोषण करने की कोशिश का आरोप

कॉलोनाइजर दविंदर गिल की पत्नी क्रिस्पी खैहरा ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि 20 मार्च को सेक्टर-70 स्थित उनके घर पर आईजी चीमा एवं अजय चौधरी ने रात साढ़े दस बजे उनका शारीरिक शोषण करने कोशिश की थी। उस समय वह दोनों नशे में धुत थे। उनके साथ रश्मि नेगी नाम की महिला भी थी।

यह लोग पहले दरवाजा तोड़कर उनके घर में घुसे। इसके बाद उन्होंने उसके पति दविंदर गिल को बंधक बनाया। साथ ही वहां मौजूद सुमेध गुलाटी पर पिस्टल तान दी। उसके बाद वह हैवानियत पर उतर आए और शारीरिक छेड़छाड़ की। बड़ी मुश्किल से उनके पति ने फोन कर घटना के बारे पुलिस को सूचित किया। सूचना पर पुलिस भी पहुंची।

उस समय आईजी चीमा ने यह कह कर पीसीआर जवानों को वहां से वापस भेज दिया था कि मामला घर का है। जिक्रयोग है कि इससे पहले 31 अगस्त को आईजी गौतम चीमा, निलंबित सेना अधिकारी अजय चौधरी समेत दो अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया जा चुका है। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है।

आईजी चीमा पर बादल सरकार सख्त

सुखबीर बादल ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और किसी को भी गलत काम करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। इस बारे में डीजीपी सुमेध सिंह सैनी को भी सख्त निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी ओहदे पर क्यों न हो, अगर वह कानून का उल्लंघन करेगा, तो कार्रवाई जरूर होगी। इस मामले में विजिलेंस ब्यूरो की रिपोर्ट आने के बाद उसके विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श करके कार्रवाई करने की बात उप मुख्यमंत्री सुखबीर ने कही।

इस बीच सुखबीर और डीजीपी सैनी के बीच मंगलवार को हुई बैठक में भी मुद्दे पर चर्चा हुई। आईजी गौतम चीमा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ध्यान रहे कि कॉलोनाइजर दविंदर गिल की पत्नी क्र्रिस्पी खैहरा की ओर से आईजी चीमा पर लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों की विजिलेंस जांच गत शुक्रवार तक पूरी करने के निर्देश उप मुख्यमंत्री ने बीते बुधवार को संगत दर्शन कार्यक्रम के दौरान दिए थे।

क्रिस्पी खैहरा ने लगाए थे गंभीर आरोप

मटौर थाने में 135 नंबर पर एफआईआर दर्ज की गई है। क्रिस्पी खैहरा की शिकायत पर एसपीडी जीएस गरेवाल ने जांच की थी। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

क्रिस्पी खैहरा ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि 20 मार्च को सेक्टर-70 स्थित उनके घर पर आईजी चीमा एवं अजय चौधरी ने रात साढ़े दस बजे उनका शारीरिक शोषण करने कोशिश की थी। उस समय वह दोनों नशे में धुत थे। उनके साथ रश्मि नेगी नाम की महिला भी थी।

यह लोग पहले दरवाजा तोड़कर उनके घर में घुसे। इसके बाद उन्होंने उसके पति दविंदर गिल को बंधक बनाया। साथ ही वहां मौजूद सुमेध गुलाटी पर पिस्टल तान दी।

उसके बाद वह हैवानियत पर उतर आए और शारीरिक छेड़छाड़ की। बड़ी मुश्किल से उनके पति ने फोन कर घटना के बारे पुलिस को सूचित किया।
विज्ञापन

चीमा और चौधरी की करतूत की उजागर

क्रिस्पी ने प्रेस कांफ्रेंस में आईजी गौतम चीमा, अजय चौधरी एवं उनकी महिला मित्र के फोटो भी मीडिया को दिखाए। फोटो में उनको एक पार्टी में कथित तौर पर ड्रिंक के साथ मस्ती करने का दावा किया गया है।

क्रिस्पी का आरोप है कि इन तीनों का गिरोह है, जो जानबूझकर उन्हें परेशान कर रहे हैं। उन्होंने यह फोटो डिप्टी सीएम सुखबीर बादल को भी दिखाए थे। वह भी फोटोग्राफ्स को देखकर काफी हैरान थे। क्रिस्पी ने बताया कि दोनों अधिकारियों की महिला मित्र 2011 से उसके पति दविंदर गिल को जानती है।

2011 में इस महिला ने उसके पति के साथ बिजनेस शुरू किया था। वह प्रॉपर्टी बेचने का काम करती थी। उसे कमीशन दिया जाता था। 2011 से 2012 तक सब ठीक ठाक चला। 2012 में मुनाफे को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद उसने पहले सुमेध गुलाटी के खिलाफ शारीरिक शोषण का पर्चा दर्ज कराया।

फिर उसने उसके पति पर लाखों रुपये निकलने के आरोप लगाए। इसी बीच उनके पति के खिलाफ इस महिला ने दो तीन पर्चे दर्ज करा दिए। 2014 में दविंदर के खिलाफ उसने रेप का पर्चा दर्ज कराया। महिला का कहना था कि पांच साल से शादी का झांसा देकर उसका शोषण किया। यह सारा ड्रामा था। हालांकि चीमा ने मैक्स अस्पताल में उसे कहा था कि वह अपने आरोप वापस ले ले, तो वह उसके पति को बचा सकते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें