आरोपी ने वारदात को अंजाम देने के लिए पूरी रेकी की हुई थी। गुरुवार को मौका देखकर आरोपी ने प्रदीप को गोली मारी और फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आरोपी साढ़े नौ बजे के करीब ही घर के सामने आकर खड़ा हो गया था। उसने फरार होने के लिए पहले ही बाइक सीधी करके लगा दी थी। वह काफी समय तक प्रदीप का इंतजार करता रहा। जब प्रदीप बाहर आया तो आरोपी ने प्रदीप पर गोलियां बरसा दी। लोगों का कहना है कि वह पहले तो बाइक पर बैठा रहा। फिर इधर-उधर घूमता रहा। प्रदीप के सुखदेव के साथ खड़े होने के दौरान भी वह वहीं खड़ा था।
नाजायज संबंधों ने ली जान
पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह ने बताया कि प्रदीप के भाई ने पुलिस के पास बयान दर्ज कराए है कि उसके भाई प्रदीप के बलविंदर सिंह की पत्नी के साथ संबंध थे। इसी बात को लेकर पहले भी कई बार पंगा हुआ था। उसका आरोप है कि बलविंदर ने ही गोलियां मार कर उसके भाई को मौत के घाट उतारा है। कमिश्नर का कहना है कि सीसीटीवी कैमरे में जो व्यक्ति कैद हुआ है वह बलविंदर सिंह नहीं है।
जांच की जा रही है कि गोलियां मारने वाले के साथ बलविंदर सिंह आया था या नहीं। उसने सुपारी देकर हत्या करवाई है या फिर दोस्ती के नाते किसी ने इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार बलविंदर सिंह और आरोपी एक ही इलाके के रहने वाले हैं। सीसीटीवी कैमरे में कैद होने वाले आरोपी की पहचान कर ली गई है। उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।