हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे अकांक्ष की हत्या के मामले में आरोपी हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद की अग्रिम जमानत याचिका बुधवार को जिला अदालत ने खारिज कर दी। इससे पहले सुबह बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष में लंबी बहस हुई।
अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि अपराध गंभीर प्रवृति का है और तथ्य को देखने के बाद अदालत को ऐसा कोई आधार नहीं मिलता कि आरोपी फरीद को किसी तरह की राहत दी जानी चाहिए। इसलिए उसकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज किया जाता है। इससे पहले सुबह सेक्टर-3 थाना पुलिस की ओर से मामले में जवाब दाखिल किया गया। पुलिस ने फरीद की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामला हत्या से जुड़ा हुआ है। अपराध गंभीर प्रवृति का है और इसके दोनों आरोपी वारदात के बाद से फरार हैं। वहीं फरीद की गिरफ्तारी कर उससे पूछताछ करना जरूरी है। उससे वारदात में इस्तेमाल की गई कार की रिकवरी भी करनी है।
वहीं बचाव पक्ष ने पुरानी दलीलों को दोहराते हुए कहा कि मामला हत्या नहीं बल्कि एक्सीडेंट से जुड़ा है, जिसे हत्या का रूप दिया जा रहा है। इस पर सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि आरोपियों ने कार में बैठने से पहले कार के दोनों साइड के शीशे नीचे किए और अकांक्ष को एक नहीं बल्कि तीन बार टक्कर मारी। वहीं कार चालक फरीद ने ही बलराज सिंह रंधावा से कहा कि अभी वो मरा नहीं है, उसे फिर से टक्कर मार। सरकारी वकील ने अदालत को वह भी बताया कि अकांक्ष के शरीर पर कुल 13 इंजरी के निशान हैं। ऐसे में यह एक्सीडेंट कैसे हो सकता है।