पंजाब के बठिंडा में शनिवार देर रात को रामपुरा फूल विधान सभा क्षेत्र के गांव सिधाना में नशा विरोधी कमेटी सदस्यों द्वारा दो मोटरसाईकिल सवार युवकों को तेजधार हथियार दिखाकर रोकते समय कमेटी के एक सदस्य जसबीर सिंह को साथी सदस्य का ही तेजधार
हथियार लग गया।जिस कारण उसकी मौत हो गई। घटना के बाद रामपुरा के हल्का विधायक बलकार सिंह एवं डीएसपी द्वारा नशा विरोधी कमेटी के अन्य सदस्यों के कहे अनुसार माना जा रहा था कि मोटरसाईकिल सवार युवकों निर्मल सिंह और जतिंदर सिंह निवासी गांव डोड जिला फरीदकोट ने तेजधार हथियार से हमला कर जसबीर को मौत के घाट उतार दिया।
वहीं पुलिस ने जब उक्त मामलें में मोटरसाईकिल सवारों को गिरफतार कर लिया तो उन्होंने पूरा भेद खोल दिया और वहीं इस घटना से जुडी एक सीसीटीवी फुटेज ने पूरी घटना से पर्दा उठा दिया। इसके अलावा अब पुलिस मामलें की गहराई से जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार फरीदकोट जिले के गांव डोड निवासी निर्मल सिंह और जतिंदर सिंह जोकि रिश्ते में कजिन भाई है, वो शनिवार देर रात को अपनी किसी महिला मित्र को मिलने के लिए मोटरसाईकिल पर सवार होकर गांव सिधाना पहुंचे थे। वहां पर नशा विरोधी कमेटी की ओर से जब दोनों युवकों को रूकने का इशारा किया गया तो दोनों मोटरसाईकिल लेकर गांव में आगे चले गए।
जिसके बाद नशा विरोधी कमेटी के सदस्यों ने आगे अपने साथियों को सूचित किया कि गांव में दो अज्ञात युवक मोटरसाईकिल सवार युवक गांव में घुसे है। जिस के बाद सूचना मिलने पर कमेटी का एक सदस्य जसबीर सिंह अपने दो अन्य साथियों के साथ हाथों में डंडा एवं हथियार लेकर गांव के एक मोड पर पहुंच गया।
जहां पर जसबीर सिंह एवं उसके साथी डंडा और तेजधार हथियार दिखाकर मोटरसाईकिल सवार दोनों युवकों को रोकने का प्रयास करते है, लेकिन मोटरसाईकिल सवार युवक दूर से मोटरसाईकिल को मोड कर उनसे बचकर निकलते हुए फरार हो जाते, जबकि उनको रोकने का प्रयास कर रहे कमेटी के तीन सदस्यों में से बीच वाले सदस्य का तेजधार हथियार सबसे आगे खडे जसबीर सिंह के सिर पर लग जाता है। जिस से उसकी मौत हो जाती है।
वहीं उक्त घटना के बाद नशा विरोधी कमेटी के सदस्य नशा तस्करों द्वारा जसबीर सिंह पर तेजधार हथियार का हमला करने का शोर मचा देते है। इस घटना के बाद मौके पर रामपुरा के डीएसपी पुलिस पार्टी समेत पहुंचते है।जिस के बाद लोगों द्वारा घायल को सिविल अस्पताल रामपुरा लिजाया जाता है ओर वहां पर उपचार के दौरान जसबीर की मौत हो जाती है। घटना की सूचना मिलते ही आप विधायक बलकार सिंह भी सिविल अस्पताल में पहुंचते है और पुलिस को आरोपी ज्लद पकडने के आदेश देते है।
पुलिस द्वारा उक्त मामलें की जांच करने के लिए विभिन्न टीमों का गठन किया गया। जब पुलिस टीम ने मोटरसाईकिल सवार निर्मल सिंह एवं जतिंदर सिंह को गिरफतार किया तो उन्होंने पुलिस पूछताछ में माना कि वो अपनी किसी महिला मित्र से मिलने के लिए गांव सिधाना आए थे।
लेकिन वो नशा तस्कर नहीं है। जिस के बाद पुलिस की टीम गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालती है तो एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज पूरी घटना से पर्दा उठा देती है। सीसीटीवी फुटेज में सपष्ट दिखाई दे रहा कि जसबीर सिंह के सिर पर उसके साथी द्वारा ही तेजधार हथियार लग गया था। जिस कारण उसकी मौत हुई है।
एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना का कहना था कि पुलिस मामलें की गहराई से जांच कर रही है। जिस व्यक्ति का हथियार जसबीर सिंह के सिर पर लगा उसको ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही मीडिया को कुछ बताया जा सकेगा। फिलहाल पुलिस मामलें की जांच में जुटी हुई है।