लॉरेंस बिश्नोई और संपत नेहरा के पकड़े जाने के बाद भले ही गैंग कमजोर हो गया, मगर हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में अभी भी इसकी जड़े मजबूत हैं। अंकित भादू ही हरदीप, दीपक के साथ गैंग की कमान संभाल रहा था। गिरोह के लॉरेंस बिश्नोई, संपत नेहरा, मोनू कुमार और कर्ण सहित दस बदमाश विभिन्न प्रदेशों की अलग-अलग जेल में बंद हैं।
नेहरा ने बताए थे भादू के ठिकाने
एक साल पूर्व ही अंकित भादू हरियाणा एसटीएफ की राडार पर भी आ गया था। संपत नेहरा ने एसटीएफ को अंकित भादू सहित गैंग के अन्य सक्रिय बदमाशों के ठिकानों के बारे में जानकारी दी थी। इसके आधार पर एसटीएफ की अलग-अलग टीमें छापेमारी कर रही थी। हरियाणा के अलावा चंड़ीगढ़, राजस्थान पुलिस भी अंकित को पकड़ने के लिए पुलिस ने हाल ही में उसके गांव में भी दबिश दी थी। लेकिन वहां पता चला कि भादू काफी समय से गांव में नहीं आया।
लॉरेंस का राइट हैंड था अंकित
राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में अंकित भादू के खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी जैसे अनेक गंभीर मामले दर्ज हैं। भादू को बदमाश लॉरेंस बिश्नोई का दाहिना हाथ माना जाता है। अंकित भादू ने अपने साथी संपत के साथ मिलकर सीकर में सरदार राव की हत्या की और बाद में इसने गंगानगर के एक प्रसिद्ध ज्वेलर राजेश सोनी का मर्डर कर सनसनी मचा दी थी।