फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम पहुंचने से पहले बड़ी संख्या में लोग और पुलिस कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंच चुके थे। इसके बाद फिंगर प्रिंट लेने का औचित्य ही खत्म हो चुका था और डॉग स्क्वॉड भी नहीं आया। आदर्श बाला का बेटा गुलशन कुमार अपने परिवार के साथ गढ़शंकर में रहता है। हत्यारे महिला के कानों से सोने की बाली और मोबाइल ले गए लेकिन किसी अलमारी और पेटी को हाथ नहीं लगाया।
ऐसे में हत्या के कारणों पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं एक संभावना यह भी है कि हत्यारों में गांव का भी कोई व्यक्ति शामिल हो सकता है। क्योंकि आदर्श बाला का घर गांव के बीचों बीच है। वहां पर महिला के अकेले रहने के जानकारी लोकल को ही मिल सकती है।
हत्यारों का अभी तक तो कोई सुराग नहीं लगा है। लेकिन शीघ्र ही हत्यारे पुलिस की गिरफ्त में होंगे। फिंगर प्रिंट तो आए ही नहीं क्योंकि वहां लोग पहले ही बड़ी संख्या में पहुंच चुके थे। ऐसे में डॉग स्क्वॉड का तो मंगवाने का अर्थ ही नहीं बचा था। -सतीश कुमार, गढ़शंकर, डीएसपी
अगर गांव का भी कोई व्यक्ति हत्या में शामिल हुआ तो उसकी किसी भी तरह की सहायता नहीं की जाएगी। हत्या आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस को हर तरह का सहयोग दिया जाएगा। -जरनैल सिंह, कांग्रेसी नेता