हिंदूनेता सुधीर सूरी हत्याकांड।
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पंजाब के अमृतसर में हिंदू नेता सुधीर सूरी की हत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। अमृतसर के पुलिस कमिश्नर (सीपी) अरुणपाल सिंह ने कहा कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि संदीप सिंह खुद कट्टर बना है। उसने फेसबुक और सोशल मीडिया देखने के बाद यह हेट क्राइम किया है। सीपी अरुणपाल सिंह ने आगे कहा कि फेसबुक और सोशल मीडिया पर देखकर हेट क्राइम करने की बात पूरी बात नहीं है।
अभी इसकी पूरी गहराई से जांच की जाएगी। इसमें तकनीकी व अन्य जांच की जाएगी। जब उनसे पूछा गया कि संदीप सिंह कौन-कौन से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को देखने के बाद हत्याकांड को अंजाम दिया तो वह इस सवाल को टाल दिया और अपनी सीट से उठकर चले गए।
उन्होंने कहा कि एडीसीपी जगजीत सिंह वालिया के नेतृत्व में गठित एसआईटी में एसीपी गुरविंदर सिंह नागरा और सीआईए प्रभारी अमनदीप सिंह को इसमें शामिल किया गया है। क्या संदीप सिंह आतंकी संगठनों से जुड़े है? इस सवाल पर सीपी ने इतना अवश्य कहा कि स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) मामले में हर एंगल से जांच करेगी और जिन लोगों की इसमें भूमिका मिलेगी उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जालंधर में माहौल शांत, हिंदू नेताओं ने अमृतसर में लगा रखा जमघट
हिंदू नेताओं का कहना है कि जालंधर में माहौल कैसा रखना है यह प्रशासन पर निर्भर करता है। जालंधर के सभी बड़े हिंदू नेताओं का जमघट अमृतसर में लगा है। शिवसेना नेता सुधीर सूरी की मौत के बाद लड्डू बांटने का वीडियो वायरल होने और जालंधर में वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह का मंच लगने के विरोध में प्रदर्शन हुआ था। इसके बाद उनका दौरा रद्द कर दिया गया था। जालंधर में अभी माहौल शांत है।
हिंद क्रांति दल के नेता मनोज नन्हा और शिवसेना हिंदुस्तान के नेता ईशांत शर्मा ने बताया कि अमृतसर में प्रशासन ने उनकी मांगें मान ली हैं। इसके बाद हिंदू नेता सुधीर सूरी का अंतिम संस्कार किया गया। यह हमला एक नेता पर नहीं हमारी सोच पर किया गया है। प्रशासन को दिए अल्टीमेटम तक कार्रवाई नहीं हुई तो हिंदू संगठनों की लड़ाई सड़कों पर दिखाई देगी। अभी वे देख रहे हैं कि प्रशासन क्या कर रहा है। अगर बंद का आह्वान करना पड़ तो अंतिम फैसला सभी का होगा। दो-तीन दिन के पूरे घटनाक्रम में कुछ लोगों ने दो समुदायों को लड़ाने की कोशिश की है। हम शांति पूर्वक इंसाफ चाहते हैं।