दुष्कर्म के मामले में पीड़ित अमेरिकी महिला अपने बयान और दोषियों की पहचान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से करेगी। इसके लिए चंडीगढ़ पुलिस दूतावास से संपर्क करेगी। दूतावास के माध्यम से ही यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अप्रैल 2015 में अमेरिकी महिला ने चंडीगढ़ के दो लोगों पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया था और ट्रायल कोर्ट चार्ज फ्रेम कर चुकी है। विवाद यह है कि पीड़िता के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान नहीं हुए हैं क्योंकि पीड़िता घटना के बाद अमेरिका चली गई और उसके बाद वापस नहीं आई।
अब बयान व टेस्ट आईडेंटिफिकेशन परेड के अभाव में ट्रायल कोर्ट में आगे की कार्रवाई रुकी हुई है। ट्रायल कोर्ट ने यूटी पुलिस को बयान और टीआईपी वीडियो कांफ्रेंसिंग से करवाने की यूटी पुलिस को अनुमति दे दी थी, हालांकि, इसमें दूतावास को शामिल करने की हिदायत दी गई थी। यहीं से समस्या पैदा हुई कि कैसे दूतावास को शामिल किया जाए।
इस पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए इलाका मजिस्ट्रेट ने हाईकोर्ट को पत्र लिखा था। हाईकोर्ट ने इस पत्र के आधार पर सुनवाई आरंभ की और अब इसमें फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि बयान दूतावासों के माध्यम से ही दर्ज करवाए जाएंगे। हालांकि, अभी इस मामले में विस्तृत आदेश आने बाकी हैं।