गांव जितवाल कलां में आठ फरवरी को पुलिस और गैंगस्टरों की मुठभेड़ में गोली लगने से मारे गए बिक्रमजीत सिंह बॉबी का शुक्रवार को तनावपूर्ण माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मामले में परिजनों का कहना है कि पुलिस ने बॉबी को झूठे एनकाउंटर में मारा है जबकि पुलिस कह रही है कि गैंगस्टरों द्वारा चलाई गोली से बॉबी की मौत हुई है।
थाना संदौड़ में दर्ज एफआईआर के मुताबिक एसआई कुलवंत कौर को सूचना मिली थी कि कई संगीन मामलों में शामिल गैंगस्टर गाहिया खां साथियों के साथ गांव जितवाल कलां में अमरिंदर सिंह उर्फ राजू के घर में ठहरा है। इसके चलते पांच थानों की पुलिस ने गांव जितवाल में पहुंचकर अमरिंदर सिंह उर्फ राजू के घर की घेराबंदी की। अमरिंदर सिंह के घर की छत पर पांच छह नौजवान सीढी के जरिए उपर चढ़ रहा था।
जैसे ही पुलिस उन्हें पकडने के लिए आगे बढ़ी तो उन्होंने पुलिस पार्टी ने फायरिंग शुरू कर दी। जिसमें गांव के एक नौजवान बिक्रमजीत सिंह उर्फ बॉबी को गोली लगी और वह जख्मी हो गया था। बिक्रमजीत सिंह को मलेरकोटला में भर्ती करवाया गया। उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
बॉबी के स्वेटर में कोई सुराख नहीं, न कपड़ों पर खून : परिजन
बॉबी की मौत पर रहस्य बरकरार
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने अमरिंदर सिंह उर्फ राजू निवासी गांव जितवाल, जगपाल सिंह वासी जंडाली कलां, जगदीप सिंह वासी डेहलों, बॉबीजितवाल (मृतक), गाहिया खां निवासी मतोई, बूटा खां निवासी तखर खुर्द के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इनमें से पुलिस ने अमरिंदर सिंह, जगपाल सिंह और जगदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को बिक्रमजीत सिंह बॉबी का पोस्टमार्टम कराते वक्त माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ था। मालेरकोटला के सिवल अस्पताल में तीन डाक्टरों के पैनल जिसमें डा. सतविंदर कौर, डा. आदर्श गोयल और डा. मोहम्मद बलाल ने डयूटी मैजिस्ट्रेट गुरप्यार सिंह की मौजूदगी में बॉबी का पोस्टमार्टम किया और इसकी बकायदा वीडियोग्राफी की गई।
बॉबी के स्वेटर में कोई सुराख नहीं, न कपड़ों पर खून : परिजन
मृतक बॉबी के पिता रघवीर सिंह और बुआ मीना ने कहा कि पुलिस ने बॉबी को फर्जी एनकाउंटर में मारा गया है। उन्होंने कहा कि बॉबी के स्वेटर में गोली का कोई सुराख नहीं है और न उसके कपड़ों पर खून लगा है। इसके बाद उन्होंने बॉबी का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जिससे पुलिस प्रशासन को हाथ पांव की पड़ गई। आखिरकार पुलिस अधिकारी परिवार वालों को मनाने में कामयाब हो गए और बॉबी का पोस्टमार्टम करवाने के बाद शाम को गांव जितवाल में गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पुलिस ने नहीं की फायरिंग : कुलवंत कौर
एसआई कुलवंत कौर ने कहा कि छापामारी के दौरान पुलिस ने फायरिंग नहीं की थी बल्कि गैंगस्टरों द्वारा चलाई गोली से ही बिक्रमजीत सिंह बॉबीकी मौत हुई है। इस मामले में एसएसपी इंदरबीर सिंह ने कहा कि इस पूरे मामले की एसपी मालेरकोटला गहनता से जांच कर रहे हैं और मामले में जो भी दोषी पाया गया उसे बख्शा नहीं जाएगा।