हथियारों के साथ पकड़े गए कथित आतंकी संतोख सिंह बाजवा को एक साल बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शालिनी सिंह नागपाल की अदालत ने सोमवार को जमानत मंजूर कर ली।
चंडीगढ़ पुलिस ने दावा किया था कि संतोख सिंह ने 1985 में कुरुक्षेत्र स्थित शाहबाद में हरियाणा रोडवेज की बस में ब्लास्ट किया था। इसमें दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 15 लोग घायल हो गए थे।
क्राइम ब्रांच को फरवरी 2013 को सूचना मिली थी कि शाहबाद में बस के अंदर ब्लास्ट करने वाला कथित आतंकी दिल्ली नंबर कार से खरड़ जा रहा है।
टीम ने सेक्टर 37/38 के पास नाका लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया था। संतोख सिंह ने अपना ड्राइविंग लाइसेंस दिखाया। जिसपर बलवंत सिंह लिखा हुआ था और फोटो संतोख सिंह की लगी हुई थी।
पुलिस ने जब गाड़ी की सर्च की तो अंदर से तीस बोर की बंदूक और पांच कारतूस, 12 बोर की बंदूक और दो मैगजीन, तीस बोर की 19 गोली, लैपटॉप और कैमरा बरामद हुआ था।
सेक्टर-39 थाना पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत संतोख सिंह पर मामला दर्ज किया था।