बीमारी के कारण मानसिक रूप से परेशान व्यक्ति ने अपने दो बेटों की गला दबाकर हत्या कर दी और बाद में खुद जहरीला पदार्थ निगलकर जीवन लीला समाप्त कर ली।
घटना के बारे में घरवालों को रविवार सुबह उस समय पता चला, जब मृतक की मां ने कमरे का दरवाजा खोला। उसने देखा कि उसके बेटे और पोतों के शव पड़े हुए हैं। यह देख उसने शोर मचाया।
शोर सुनकर आसपास के लोग इकट्ठे हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तीनों के शवों को कब्जे में ले लिया है।
साथ ही मृतक की पत्नी के भाई चंद सिंह के बयान के आधार पर मृतक के खिलाफ 302 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मृतक के तकिए के नीचे से सुसाइड नोट बरामद किया है।
जानकारी के मुताबिक लांडरां निवासी जगतार सिंह (40) मजदूरी करता था। उसने शनिवार को ही पत्नी चरणजीत को मायके भेज दिया था। उसने पत्नी से कहा था कि उसे फोन आया है कि उसके पिता बीमार में हैं।
इसके बाद घर में उसकी माता गुरदेव कौर और बेटे गौरवदीप (14) एवं अर्षदीप सिंह (12) ही थे। रविवार सुबह जब उसकी माता अपने फर्स्ट फ्लोर के कमरे से नीचे आई, तो उसे कोई बाहर दिखाई नहीं दिया। फिर उसने जगतार के कमरे का दरवाजा खोला, तो वहां तीनों के शव पड़े हुए थे।
यह दृश्य देख कर उसकी स्थिति खराब हो गई। उसने रोना और शोर मचाना शुरू कर दिया। इसी बीच इलाके के लोग भी इकट्ठे हो गए और पुलिस को बुलाया गया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्चों के शवों को देखा। बच्चों के गले पर दबाने के निशान पड़े हुए थे। जिससे लग रहा था कि मृतक ने पहले बच्चों की गला घोंटकर हत्या की होगी, बाद में खुद जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की होगी।
मृतक के शव के पास से पुलिस ने शराब की आधी बोतल एवं सल्फास की पुड़िया बरामद की है। पुलिस तीनों के शवों को फेज-6 अस्पताल ले आई। सोमवार को शवों का पोस्टमार्टम होगा।
आर्थिक तंगी और बीमारी के कारण की आत्महत्या
पुलिस ने मृतक के बिस्तर पर तकिए के नीचे एक सुसाइड नोट बरामद किया है। उसमें लिखा है कि मैंने आर्थिक तंगी और बीमारी के कारण यह कदम उठाया है।