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वीडियो: मरने से पहले छात्रा ने बताया आत्मदाह का सच

Sun, 23 Aug 2015 06:11 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, चंडीगढ़, संगरूर(पंजाब)
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छेड़खानी से परेशान दसवीं की छात्रा ने घर में केरोसिन डालकर आग लगा ली थी। 80 फीसदी झुलसने के बाद  पीजीआई, चंडीगढ़ के इमरजेंसी बर्न यूनिट में मंगलवार सुबह लगभग सात बजे उसने दम तोड़ दिया।
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दम तोड़ने से पहले बेअंत कौर ने अपने रिकार्डेड बयान में गांव के ही चार युवक मनी खंडेवाल, मनी काल बंजारा, स्वर्ण काल बंजारा और गुरप्यार काल बंजारा पर छेड़खानी का आरोप लगाया था। सोमवार को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने भी पीड़िता के बयान दर्ज कर लिए थे।

बेअंत कौर के भाई जगसीर सिंह ने बताया कि पांच अगस्त को जब घर पर कोई नहीं था तो उसकी बहन ने केरोसिन डालकर आग लगा ली। परिजनों ने पहले सोचा कि खाना बनाते वक्त वह झुलस गई है। उसे तुरंत पटियाला के राजिंदरा हास्पिटल ले जाया गया, जहां से उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया।
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दो दिन बाद जब उसे होश आया तो उसकी भाभी ने हादसे के बारे में पूछा तो उसने पूरे मामले का खुलासा किया। छात्रा ने बताया कि बीते दो माह से कई लड़के उसे परेशान कर रहे थे। सरेआम छेड़ते और बेइज्जत करते थे।

सोमवार को जब ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने पीड़िता का बयान लिया तो वह सिर्फ एक ही आरोपी मनी का नाम ले पाई। बाकी आरोपियों का नाम वह नहीं बता पाई। पीड़िता के भाई का कहना है कि वह काफी घबरा गई थी।

उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। जब उसके बयान लिए जा रहे थे तो वह अकेली थी। हास्पिटल के कमरे में कोई भी परिजन नहीं था।

पुलिस कार्रवाई में बाद किया छात्रा का अंतिम संस्कार

छेड़छाड़ से तंग आकर आत्मदाह करने वाली जिले के गांव कालबंजारा की नाबालिग छात्रा बेअंत कौर का बुधवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। हालांकि परिजनों, गांववासियों तथा विभिन्न सियासी दलों के नेताओं ने इंसाफ के लिए लहरागागा मुख्य सड़क पर शव को रखकर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

धरने में भाजपा की सीपीएस डॉ. नवजोत कौर सिद्धू भी शामिल हुईं। करीब तीन घंटे तक रोष प्रदर्शन जारी रहा। लोग मांग पर अडे़ रहे कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। मौके पर पहुंचे डीएसपी बीके शर्मा ने सभी चारों आरोपियों मनी सिंह, मनी खंडेबाद, स्वर्णी सिंह और जगसीर सिंह की गिरफ्तारी की पुष्टि की, लेकिन आंदोलनकारियों ने इसे नामंजूर कर दिया।

फिर दो व्यक्ति थाने में चारों आरोपियों को देखकर आए। उसके बाद संस्कार किया गया। बेअंत कौर का भाई जगसीर सिंह अपनी बहन की लाश से लिपट कर रोता रहा। जैसे की सीपीएस सिद्धू पहुंचीं तो जगसीर फूट-फूट कर रोने लगा। डॉ. सिद्धू ने जगसीर को संभाला और कहा कि यह मेरी बहन की हत्या हुई है। इंसाफ के लिए वे किसी भी सीमा को पार करने के लिए तैयार हैं।
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सुनिए मरने से पहले पीड़िता का सच, उसी की जुबानी

जब परिजनों का बेअंत के ऐसा कदम उठाने के पीछे के कारणों का पता चला तो उन्होंने पुलिस को जानकारी दी, लेकिन पुलिस बयान दर्ज करने नहीं आई। डाक्टरों ने उन्हें पहले से ही बता रखा था कि बेअंत की हालत खराब है। बचना मुश्किल है, इसलिए उन्होंने पहले ही उसका बयान रिकार्ड कर लिया। ये हैं रिकार्डेड बयान।

सवाल: गगन तुमने ऐसा कदम क्यों उठाया?
गगन: उन्होंने मुझे स्टेशन पर घेर लिया। उसके बाद बस स्टैंड पर मुझे थप्पड़ मारे। फिर मोबाइल नंबर पकड़वाने की कोशिश की। इतने लोगों के बीच मेरी बेइज्जती हुई। तीन-चार दिन से सुसाइड करने की सोच रही थी।

सवाल: तुमने अपने घर वालों को क्यों नहीं बताया
गगन: मुझे पता था कि यदि मैं घर वालों को बताती कि वे मेरी पढ़ाई छुड़वा देते। इसलिए मैंने नहीं बताया। मैं डॉक्टर बनना चाहती थी। मेरे भाई का भी सपना था कि मैं डाक्टर बनूं।

सवाल: कितने दिनों से छेड़खानी कर रहे थे
गगन: मार्च से चल रहा था। जिस बस से मैं जाती थी, सभी आरोपी अपनी बस छोड़कर मेरी बस में आ जाते थे और पूरे रास्ते बकवास करते रहते थे।

सवाल: क्या कहते थे
गगन: इतने गलत शब्द बोलते थे कि मैं उसे बता नहीं सकती।

सवाल: वे कौन थे, जो तुम्हें परेशान करते थे।
गगन: मनी खंडेवाल, मनी काल बंजारा, स्वर्ण काल बंजारा और गुरप्यार काल बंजारा।

सुनिए 10 वीं की छात्रा ने आत्मदाह करने जैसा खौफनाक कदम क्यों उठाया, उसी की जुबानी। क्लिक करें-

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