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प्रेम विवाह के बाद चेहरे पर फेंका तेजाब, अब पति को मिली कड़ी सजा

Thu, 27 Oct 2016 01:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
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ऐसिड अटैक - फोटो : DEMO Pics
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एडिशनल जिला एवं सेशन जज लखविंदर कौर दुग्गल ने 3 साल पहले अदालत में केस की पेशी भुगतने स्कूटर पर आ रहे बाप बेटी पर तेजाब फेंकने के मामले में पीड़ित के पति समेत चार नौजवानों को उम्र कैद और 17 लाख जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। 
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इस केस में नामजद पीड़ित के सास-ससुर, पावरकॉम में जेई मामा ससुर और उसकी पत्नी को सबूतों के अभाव से अदालत ने बरी कर दिया। गांव दाया कलां (धर्मकोट) निवासी मनदीप कौर का 21 मार्च 2010 को हरिंदर सिंह से विवाह हुआ था। 

इस प्रेम विवाह के कुछ समय बाद दंपति में अनबन हो गई थी। बीएससी नर्सिंग पीड़िता ने अपने तलाक की अर्जी में यह भी आरोप लगाया था कि हरिंदर सिंह ने उसे सहायक थानेदार और अच्छी जायदाद होने के बारे में झूठ बोल कर विवाह करवाया था। 
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इसके बाद उनका आपस में झगड़ा रहने लग पड़ा था। दोनों की ओर से एक दूसरे खिलाफ पुलिस के पास शिकायतों की जांच चल रही थी। उसके पति हरिंदर सिंह ने पीड़ित खिलाफ हेरा फेरी से पासपोर्ट बनाने की शिकायत भी की थी।
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साजिश के तहत हुआ था हमला

एसिड अटैक
पीड़ित ने जिला जज मोगा की अदालत में अपने पति खिलाफ तलाक, घरेलू हिंसा और खर्च का केस दायर किया था। वह 11 जुलाई 2013 को अपने पिता शमशेर सिंह के साथ स्कूटर पर इस केस की पेशी पर आ रहे थे। 

जब वह सुबह करीब 9.30 बजे कोकरी कलां-मेहना रोड ड्रेन पुल के पास पहुंचे उसे पति ने सथियों समेत उन पर तेजाब फेंक दिया। इसमें बाप-बेटी के चेहरे और शरीर झुलस गए। इस मामले में थाना अजीतवाल में जानलेवा हमला व अन्य धाराओं के अलावा दहेज एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। 

एडिशनल जिला एवं सेशन जज लखविंदर कौर दुग्गल ने दोनों गुटों के वकीलों को सुनने और तथ्यों को पढ़ने के बाद हरिंदर सिंह उर्फ हैपी (पति) और उसके तीन साथी परवान सिंह, दपिंदर सिंह और जगजीत सिंह उर्फ जगा को दोषी करार देते उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई है। 

पीड़ित के पति को 11 लाख का जुर्माना व जुर्माना अदा न करने की सूरत में 3 साल अतिरिक्त कैद और बाकी दोषियों को दो-दो लाख जुर्माना और जुर्माना अदा न करने पर 2 साल अतिरिक्त कैद काटनी पड़ेगी। 

इस केस में नामजद परमजीत सिंह (ससुर,) करमजीत कौर (सास), पावरकॉम में जेई मामा ससुर सुखमंदर सिंह और उसकी पत्नी  को सबूतों के अभाव पर बरी कर दिया है। 
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