तेजाब हमले में गंभीर रूप से घायल हुई गांव तलवंडी महिमा निवासी नीटा के बाहरी जख्म एक माह बाद भले ही भरने शुरू हो गए हो लेकिन आरोपी परमजीत अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
जुलाई 2014 को नीटा अपने दुपहिया वाहन से जा रही थी। जब वह मार्कफेड क्षेत्र में पहुंची तो पहले से योजना बनाकर तैयार खड़े गांव खैड़ा मंदिर निवासी परमजीत ने नीटा की स्कूटी को रोककर उसपर तेजाब फेंक दिया और फरार हो गया। नीटा को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से उसे अमृतसर मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने परमजीत को तुरंत गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डालने का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई।
पुलिस की लापरवाही के कारण आरोपी ने नीटा की बहन के मोबाइल पर फोन करके मुकदमा वापस लेने की बात कही। उसने कहा कि ऐसा न करने पर वह उसपर भी हमला कर देगा। डीएसपी सब डिवीजन महिंदर सिंह ने बताया कि आरोपी ने जिस फोन से घायल नीटा की बहन को धमकाया था उसकी काल लोकेशन जलालाबाद क्षेत्र की आ रही थी। पुलिस को पता चला कि आरोपी की एक बहन जलालाबाद में बीएसएफ में कार्यरत है। पुलिस सूचना के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए टीम जलालाबाद भेजी लेकिन आरोपी वहां पर भी नहीं मिला। उन्होंने बताया कि फिलहाल आरोपी परमजीत के मध्यप्रदेश में होने की उन्हें सूचना मिली है। पुलिस पार्टी आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए भेजी जा चुकी है। डीएसपी ने बताया कि तेजाब हमले में घायल हुई नीटा फिलहाल आगे से काफी बेहतर हालत में है व उसे स्थानीय सिविल अस्पताल वापस भेज दिया गया है।