पिंजौर के वार्ड-6 के अंतर्गत आने वाले गांव रामपुर सियुडी की तीन युवतियों पर वीरवार देर शाम अज्ञात युवकों द्वारा एसिड फेंकने का मामला सामने आया है। गनीमत रही कि एसिड एक युवती के पैरों पर गिरा, जबकि अन्य दोनों युवतियां बच गईं। युवतियों पर एसिड फेंकने वाले युवक अंधेरे का फायदा उठा कर मौके से भागने में सफल रहे।
पुलिस को दी जानकारी में 18 वर्षीय पीड़िता ने बताया कि वह परवाणु हिमाचल प्रदेश स्थित एक कंपनी में काम करती है, जबकि अन्य लड़कियां बद्दी स्थित एक कंपनी में काम करतीं हैं। पीड़िता ने बताया कि वह और उसकी सहेलियां शुक्रवार शाम शौच से आ रही थीं। इस दौरान रामपुर सीयूडी स्थित प्राथमिक स्कूल के पास दो तीन युवकों ने पीछे से उनके ऊपर एसिड फेंक दिया। इसके बाद युवक अंधेरे का फायदा उठा कर मौके से फरार हो गए।
पीड़िता ने बताया कि हमलावरों द्वारा फेंका गया एसिड उसके दोनों पैर पर गिरा, जिससे उसके पैर जख्मी हो गए। पीड़िता को तुरन्त कालका सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पिंजौर व अमरावती चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचकर मौके का जायजा लिया। मौके से एक प्लास्टिक की कटी हुई बोतल मिली।
पुलिस ने शक जाहिर किया कि अज्ञात युवकों ने इसमें ही केमिकल लाए होंगे। पीड़ित लड़कियों से पुलिस ने पूछताछ की। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, युवतियों पर तेजाब फेंकने के मामले का खुलासा नहीं हो सका।
खुले में शौचमुक्त के दावे की खुली पोल
एसिड अटैक का हमला युवतियों पर उस दौरान हुआ जब वह शौच आ रहीं थीं। एक तरफ तो जिला प्रशासन शौच मुक्त जिला होने का दावा कर रहा है वहीं दूसरी ओर इस घटना से साफ जाहिर होता है कि अभी शौचमुक्त जिला होना सपना ही है। जब नगर निगम पंचकूला जोन पिंजौर वार्ड नंबर 6 में शौच के लिए युवतियों को घर से बाहर जाना पड़ रहा है तो जिले के गांवों में पूरी तरह से शौचमुक्त होने का दावा करना कोरी कल्पना है।