कंधार को जा रही इंडियन एयरलाइंस फ्लाइट आईसी-814 की सनसनीखेज हाईजेकिंग के साजिशकर्ताओं में से भुपाल मान दमाई उर्फ युसूफ नेपाली को शनिवार बाद दोपहर पटियाला की सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया जाएगा।
जेल प्रशासन को अन्य राज्यों की जेलों से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट हासिल हो गया है, जहां नेपाली की दिसंबर 1999 में गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ केस दर्ज हुए थे।
जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट राजन कपूर ने कहा कि एनओसी का मतलब नेपाली के खिलाफ अब उन राज्यों में कोई केस पेंडिंग नहीं है। नेपाली ने आर्म्स एक्ट के तहत मिली सजा भुगत ली है।
इस केस में सीबीआई की ओर से हाईजेकिंग की साजिश रचने और इसे अंजाम देने के लिए जिन 10 आरोपियों के नाम सामने लाए गए थे, उनमें सात पाकिस्तानी और दो भारतीय थे।
इन दो भारतीय नागरिकों में दिलीप कुमार भुजेल और अब्दुल लतीफ आदम मोमिन शामिल हैं। युसूफ नेपाल का रहने वाला है।
भुजेल, मोमिन और नेपाली पर हाईजेकिंग के प्रमुख आरोपियों का साथ देने का आरोप है। मोमिन और नेपाली को मुंबई में एक बैंक डकैती केस में जांच के दौरान गिरफ्तार किया गया था।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने फरवरी में नेपाली और भुजेल को मर्डर, हाईजेकिंग और अन्य आरोपों से इस आधार पर दोषी नहीं पाया था कि जांच एजेंसी इन दोनों आरोपियों के दोष साबित नहीं कर सकी हैं।
हालांकि कोर्ट ने दोनों को आर्म्स एक्ट में दोषी पाया था जबकि पहले स्पेशल सीबीआई कोर्ट पटियाला ने पांच फरवरी 2008 को नेपाली, भुजल और मोमिन को हाईजेकिंग में संलिप्त पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।