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बच्चे की हत्या का आरोपी 37 साल बाद बरी: यूपी में जाकर बदला ऐसा भेस, कोर्ट में चश्मदीद भी नहीं पहचान सकी

Fri, 18 Apr 2025 11:20 AM IST
निवेदिता वर्मा हरीश कोचर, संवाद, चंडीगढ़

सार

18 नवंबर, 1989 को कैंबवाला के जंगल में महिला से दो युवकों ने लूट के इरादे से रोका। आरोपियों ने उसके 11 साल के बच्चे को चाकू मार हत्या के घाट उतार दिया था। इसके बाद आरोपी यूपी में भाग गया था और साधू का भेष बनाकर रहने लगा था।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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चंडीगढ़ में कैंबवाला के जंगलों में 18 नवंबर, 1989 को दो युवकों ने एक महिला से लूटपाट का प्रयास किया और उसके बच्चे की निर्मम हत्या कर दी गई। घटना के समय आरोपी 24 साल का था। 

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अब 37 साल बाद जब 61 साल के एक अधेड़ उम्र वाले साधु बने व्यक्ति को कोर्ट में पेश किया गया तो खुद मृत बच्चे की मां ही हत्यारोपी को नहीं पहचान पाई। हत्या के बाद आरोपी फरार हो गया था और यूपी के एक आश्रम में साधु बनकर आराम की जिंदगी काट रहा था। चंडीगढ़ पुलिस ने आरोपी आनंद कुमार को करीब एक साल पहले खुद साधु बनकर गिरफ्तार किया था।

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1989 की है घटना

दरअसल 18 नवंबर, 1989 को कैंबवाला के जंगल में विद्यावती से दो युवकों ने लूटपाट करने का प्रयास किया था। उस समय महिला के साथ उसका 11 साल का बेटा भी मौजूद था। दो आरोपियों ने चाकू घोंपकर बच्चे की हत्या कर दी और महिला ने वहां से भागकर अपनी बामुश्किल जान बचाई थी। इस मामले में सेक्टर-तीन पुलिस ने दो आरोपियों पर केस दर्ज किया और पप्पू व जसवंत को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आनंद कुमार निवासी गांव हरणपुर कलां जिला अलीगढ़ यूपी का भी नाम आया लेकिन वह फरार हो गया था। आरोपी का कोई सुराग नहीं लगने पर जिला कोर्ट में एडिशनल सेशन जज वीआर गुप्ता ने आनंद को भगौड़ा घोषित कर दिया।

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पीओ सेल के जवानों ने खुद साधु बनकर आरोपी को दबोचा

करीब 37 सालों से यूटी पुलिस आरोपी आनंद कुमार को तलाश कर रही थी लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग रहा था। पुलिस उसके पैतृक गांव में भी पूछताछ कर रही थी और इसी दौरान अप्रैल 2024 में पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी आनंद यूपी के एक आश्रम में साधु बनकर रह रहा है।



14 अप्रैल 2024 को पीओ सेल के जवान खुद साधु के भेष में यूपी के काशगंज में गंगा नदी किनारे स्थित एक आश्रम में पहुंचे। जवानों ने आश्रम में पहुंचकर एक गाय दान करने की बात कही और कहा कि उन्हें आनंद कुमार से मिलना है। इस दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने अपना नाम आनंद कुमार से बदलकर देव आनंद रख लिया है। जैसे ही भगवा रंग के कपड़े पहने साधु बना आरोपी जवानों के सामने पहुंचा तो उसे उसी समय दबोच लिया और उसे फिर चंडीगढ़ लाया गया।

बच्चे की मौत की चश्मदीद गवाह मां ही आरोपी को नहीं पहचान पाई

बच्चे की हत्या के इस मामले में खुद उसकी मां विद्यावती चश्मदीद गवाह थी। पुलिस ने आरोपी आनंद कुमार के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया और बताया कि हत्या के बाद वह पुलिस से छिपने के लिए कहां-कहां रहा। बल्कि खुद पुलिस ने आरोपी के इंकसाफ में भी उसके द्वारा हत्या की बात को कबूलना बताया।

लेकिन अब 61 वर्षीय आरोपी आनंद को जब कोर्ट में पेश किया गया और चश्मदीद गवाह मृतक बच्चे की मां को गवाही के लिए बुलाया गया तो वह आरोपी को ही पहचान नहीं पाई। महिला ने कहा कि आरोपी काफी जवान था लेकिन अब जो उसके सामने खड़ा है, वह अधेड़ उम्र का व्यक्ति है जिसे वह नहीं पहचानती है। इसलिए कोर्ट ने संदेह के आधार पर आरोपी आनंद कुमार को हत्या के मामले में बरी कर दिया है।
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