शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर झज्जर-बहादुरगढ़ मार्ग पर गांव कबलाना के नजदीक बुधवार की अलसुबह बारातियों से भरी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में सात महिलाओं समेत 13 लोग घायल हुए।
बस में सवार अन्य लोगों ने घायलों को राहगीरों की मदद से झज्जर के सामान्य अस्पताल पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई। बस में सवार यात्रियों ने बताया कि वह राजस्थान में एक विवाह समारोह में शामिल होकर नांगलोई लौट रहे थे। सुबह घना कोहरा छाया था।
थकान की वजह से अधिकांश बराती सो रहे थे। जैसे ही बस कबलाना और दुल्हेड़ा गांव के बीच ड्रेन के निकट पहुंची, तब घने कोहरे के चलते चालक को कुछ भी दिखाई नहीं दिया। इस कारण बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बस में सवार तेरह लोगों को चोटें आई है।
घायलों में 7 महिलाएं शामिल
घायलों में सात महिलाएं शामिल हैं। बारातियों ने कहा कि बस ने दो बार पलटी खाई थी, लेकिन भगवान का शुक्रगुजार हैं कि किसी को ज्यादा चोट नहीं लगी।
घायलों में रजनी पुत्री सुरेश, मीना पत्नी सुरेश, नैना पत्नी महेश, किरण पत्नी हीरा, बसंती पत्नी ताराचंद, सुशील पत्नी रामानंद, प्रिया पुत्री भोजू लाल, अजीत पुत्र राम बाबू, सुनील पुत्र बच्चन सिंह, योगेश पुत्र भगवान सिंह, सुरजीत पुत्र गोपी राम, राजीव और विकास पुत्र सुरेश शामिल हैं। सभी दिल्ली के नांगलोई के रहने वाले हैं।
घायलों ने बताया कि बस चालक कोहरे में भी तेज बस चला रहा था। जिस समय हादसा हुआ, उस समय बेहद कोहरा होने के कारण विजिबिलिटी काफी कम थी। चालक को टोका भी गया था कि बस ध्यान से चलाए, लेकिन उसने गौर नहीं किया, जिसके कारण यह हादसा हो गया।
सिविल अस्पताल में मचा हड़कंप
सिविल अस्पताल में अलसुबह ही 13 घायलों के पहुंचने से हड़कंप मच गया। डॉक्टर सुनिश्चित करना चाहते थे कि किसी के सिर या शरीर में कोई अंदरूनी चोट तो नहीं लगी, जिससे कि जिंदगी पर खतरा हो। डॉ अभिमन्यु ने बताया कि सभी घायलों की जांच कर उन्हें उपचार मुहैया कराया गया। चूंकि सभी की चोट सामान्य थी, लिहाजा उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई है।