युवक की तलाश करते गोताखोर
इसके बाद पुलिस टीम ने पहले अपने स्तर पर उसे तलाशने की कोशिश की, परंतु युवक का कुछ पता नहीं चला। वहीं करन के जानकारों का कहना है कि वह तैरना जानता तो आखिर कैसे डूब सकता है।
गुरुवार को बारह बजे के करीब एसआई तलविंदर सिंह ने रोपड़ से गोताखोर की टीम के साथ मौके पर पहुंचे, जिसके बाद गोताखोर डैम में युवक को तलाशने के लिए जुट गए, लेकिन गोताखोर खाली हाथ बाहर आए।
ऑक्सीजन की आई कमी, हाथ किए खड़े
बाहर आने के बाद गोताखोर की टीम ने बताया कि डैम के अंदर पानी की गहराई तकरीबन पैंतीस, चालीस फुट गहरी है। इस कारण उन्हें सांस लेने में ऑक्सीजन की कमी हो रही थी। इसलिए वह युवक को तलाश नहीं कर सके। एसआई ने बताया कि हरियाणा के जींद या पटियाला से ऑक्सीजन गैस वाले सिलेंडर के साथ शुक्रवार को फिर से गोताखोर की टीम को बुलाकर तलाश करेंगे।
करन से छोटी चार बहने हैं। और छह, सात महीने पहले ही यूपी मुरादाबाद पगले गांव से यहां रोजगार के लिए आया था। यहां आने के बाद करन ने चंडीगढ़ सेक्टर-41 स्थित होटल में भी काम किया था। इसके बाद वहां से काम छोड़ने के बाद वह नयागांव दशमेश नगर अपने मामा के साथ तीन महीने से रहने लगा था। मामा के साथ रहने के बाद उसने फल विक्रेता का अपना काम शुरू किया था। और यूपी में करन के पिता भी यही काम करके परिवार का गुजारा करते हैं।
काम नहीं मिलने पर पेंटर ने लगाया फंदा, मौत
लंबे समय से कहीं काम नहीं मिलने से तनाव में आए एक पेंटर ने बीते बुधवार की रात करीब 12 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर-39 के मकान नंबर-1083 में पंखे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। मृतक की पहचान उक्त मकान के सर्वेंट क्वार्टर निवासी 35 वर्षीय अनिल कुमार के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने पर सेक्टर-39 थाने से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।
उन्होंने घटनास्थल की बारीकी से जांच की, लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस ने अनिल को तुरंत फंदे से नीचे उतारकर जीएमएसएच-16 पहुंचाया। डॉक्टरी जांच में अनिल को मृत पाया गया।